दिव्य ज्योति जागृति संस्थान ने शिव कथा का आयोजन किया
सिटी रिपोर्टर|लुधियाना
दिव्य ज्योति जागृति संस्थान द्वारा मंडी गोविंदगढ़ में पांच दिवसीय शिव कथा का आयोजन किया गया। कथा में आशुतोष महाराज की शिष्या कथा व्यास मानस मर्मज्ञ साध्वी दिवेशा भारती ने कहा कि भगवान शिव की कथा भक्तों को आनंद प्रदान करने वाली है। प्रभु कथा गंगा समान है जो शरण में आने वाले भक्तों के पाप-ताप का हरण करती है। शिव महापुराण का महात्मय प्रेरणा से भरा है, जिसमें चुंचला नामक स्त्री का व्यखयान आता है। इसका पति दुष्ट आचरण वाला है। वह स्वयं बुरे मार्ग पर चलता है, लेकिन दूसरों को अच्छे रहने की शिक्षा देता है। वर्तमान समय में ऐसे लोग मिलते हैं जो स्वयं बदलना नहीं चाहते, लेकिन दूसरों को बदलना चाहते हैं। ऐसे लोग स्वयं में कोई परिवर्तन नहीं आने देते। अगर आप दूसरों को बदलना चाहते हैं तो शुरुआत अपने आप से करनी पड़ेगी। तभी समाज व राष्ट्र बदलेगा। एक दिन चंचुला गोकर्ण क्षेत्र में जाती है। जहां उसे ब्राह्मण द्वारा भगवान शिव कथा को श्रवण करने का सौभाग्य मिलता है। बाद में ब्राह्मण की दीक्षा प्राप्त हुई। धार्मिक ग्रंथों में आता है कि मनुष्य जीवन का लक्ष्य ईश्वर दर्शन है। अगर हमें मानव तन मिला है तो प्रभु भक्ति को मिला है। अत: जीवन में पूर्ण गुरु की खोज कर ब्रह्म ज्ञान की दीक्षा प्राप्त करें। प्रभु की आरती कर कथा को विराम दिया गया। कथा में भारी संख्या में भक्त उपस्थित हुए।