पाक रमजान महीने के पहले जुमे की नमाज में शहर की तमाम मस्जिदों में बड़ी तादाद में रोजेदारों ने नमाज अदा की। इस मौके पर फील्डगंज स्थित ऐतिहासिक जामा मस्जिद में शाही इमाम मौलाना हबीब उर रहमान सानी लुधियानवी ने नमाजियों को खिताब किया। उन्होंने कहा कि रोजा इंसान को बुराइयों से रोककर अच्छाई की तरफ ले जाता है। हजरत मोहम्मद (सअ.) का फरमान है कि रोजा इंसान के लिए बुराइयों से बचने की ढाल है। हालांकि रोजा रखने का मतलब सिर्फ भूखे प्यासे रहना नहीं है। उस पर लाजिमी है कि वह अपनी आंखें, जुबान और कानों का भी रोजा रखे। किसी की तरफ गलत निगाह न डाले, जुबान से लोगों को तकलीफ न पहुंचाए और बुरी बातें भी न सुने। शाही इमाम ने कहा कि रोजेदारों को चाहिए कि वह पड़ोसियों, रिश्तेदारों में उन लोगों का भी ख्याल रखे जो कि गरीबी की वजह से परेशान नजर आते हैं। गरीब की मदद करना हम पर लाजिम है। रोजा खास अल्लाह के लिए रखा जाता है और इसका बदला इंसान को अल्लाह ही देगा। जिसका अंदाजा भी इंसान नहीं लगा सकता है। उन्होंने कहा कि अगर रोजा हमें झूठ बोलने, बुरी निगाह से ताकने, गंदी बातें करने, हराम कमाने, शराब पीने से नहीं रोकता तो समझ लें कि ऐसा इंसान रोजेदार नहीं है। इस मौके पर नमाज के बाद दुनिया में अमन की दुआ भी कराई गई।
फील्डगंज स्थित ऐतिहासिक जामा मस्जिद में शाही इमाम मौलाना हबीब उर रहमान सानी लुधियानवी ने नमाजियों को खिताब किया।