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ब्रह्मचारी राम प्रकाश महाराज तप,त्याग की मूर्त और निराले संत थे

3 वर्ष पहले
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ब्रह्मचारी राम प्रकाश महाराज के जन्म दिवस पर विशेष

सिटी रिपोर्टर | लुधियाना

स्वामी सत्यानंद जी महाराज के परम शिष्य ब्रह्मलीन गुरदेव ब्रह्मचारी राम प्रकाश महाराज का जन्म 19 मई 1922 को गांव चक्क झुमरा जिला झंग पाकिस्तान में माता पार्वती की गोद से पिता काशीराम के घर हुआ। बाल काल से ही आपके मन प्रभु भक्ति की लौ लग गई। आप बचपन में ही सत्संग में जाने लगे। वहां आश्रम में स्वामी राम कृष्ण जी निवास करते थे। ब्रह्मचारी जी वहां अक्सर जाने लगे। आपने 1941 नवम्बर में परिवार त्याग कर योग धाम आश्रम में चले गए। आश्रम में स्वामी सत्यानन्द जी महाराज का आना होता था। आपने स्वामी सत्यानंद जी महाराज से विक्रमी सवंत 1997 फाल्गुन पूर्णिमा के दिन राम नाम मंत्र की दीक्षा ली। आप पर बड़ी राम कृपा हुई। आप कई दिन अखंड मौन साधना में लीन रहते।आप स्वामी सत्यानन्द जी महाराज के साथ लुधियाना आ गए। 27 फरवरी 1949 को लुधियाना के बाग खजांचिया में स्वामी जी ने राम नाम मंत्र दीक्षा देने का आशीर्वाद दिया। स्वामी जी ने कहा कि राम नाम का प्रचार कर लोगों का कल्याण करो। आप राम नाम का प्रचार सत्संग करने लगे। श्री स्वामी सत्यानंद जी महाराज ने अंति‍म साधना सत्संग 1958 में लुधियाना में लगाया था। तब ब्रह्मचारी जी ऊन की माला बना कर साधकों को नाम देते। उन्होंने ऊन की माला से राम नाम जपने की प्रथा चलाई। आपने स्वामी सत्यानंद जी महाराज की साधना पद्घति का कभी उल्ल्घंन नहीं किया। उन्होंने अमृतवाणी को परिपूर्ण ग्रंथ बताया। ब्रह्मचारी राम प्रकाश जी महाराज तप,त्याग की मूर्त और निराले संत थे। आपकी वाणी में अद्भुत शक्ति थी। जो भी पास आता उस पर आपका बहुत प्रभाव पड़ता। उन्होंने कहा था कि मैने सारे संसार को परिवार बना लिया। आप गुणों की खान थे। आपने भ्रूण हत्या के खिलाफ अल्ख जगाई थी। उन्होंने कहा था कि आज मैं भ्रूण हत्या विरुद्ध बोल रहा हूं। एक समय ऐसा आएगा कि सारा देश इसके विरुद्ध बोलेगा। आप 20 सितंबर 2006 को राम नाम का जाप करते हुए राम धाम में जा विराजे। आपके द्वारा लगाया गया पौधा नौलखा बाग कॉलोनी स्थित श्री राम शरणम् आश्रम के रूप में विशाल वृक्ष बन गया है। आज श्री राम शरणम् की कई शाखाएं देश विदेश में धर्म प्रचार और लोक भलाई के कार्य कर रही हैं। हजारों साधक साधिकाएं आपके दिखाए धर्म मार्ग पर चलते हुए राम नाम का जाप कर अपना जीवन सफल बना रहे है। आज आपके जन्म दिवस पर सब साधक साधिकाएं आपके दिखाए धर्म मार्ग पर चलने का प्रण करते हैं।

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