लुधियाना से बिहार दवा ले जा रहे थे आरोपी
आरोपियों पर अमानत में खयानत, धोखाधड़ी और साजिश रचने का केस दर्ज
क्राइम रिपोर्टर | लुधियाना
ट्रांसपोर्ट के माध्यम से बिहार भेजी गई कीड़ेमार दवा के 677 नग ड्राइवर और कंडक्टर ने मिल कर खुर्द-बुर्द कर दिए। दवा की कीमत करीब 12 लाख रुपए बताई जा रही है। थाना डिवीजन नंबर 6 पुलिस ने दो अलग-अलग मामलों में चार आरोपियों को नामजद किया है। यह दोनों मामले गली नंबर चार हरि करतार कालोनी के रहने वाले ट्रांसपोर्टर राम अवतार की शिकायत पर दर्ज हुए हैं। पहले मामले के आरोपियों की पहचान गली नंबर चार ऋषि कालोनी गांव चौड़ा पटियाला के रहने वाले विक्की और हरि करतार काॅलोनी के रहने वाले प्रिंस, दूसरे मामले के आरोपियों की पहचान गांव मीरथल पठानकोट के रहने वाले भुपिंदर सिंह और बसी पठाना फतेहगढ़ साहब के रहने वाले रविंदर सिंह के रूप में हुई है। आरोपियों पर अमानत में ख्यानत, धोखाधड़ी और साजिश रचने का मामल दर्ज हुआ है। फिलहाल चारो आरोपी पुलिस गिरफ्तार से बाहर बताये जा रहे हैं। थाना डिवीजन नंबर 6 के जांच अफसर एएसआई कृष्ण लाल के मुताबिक राम अवतार ने शिकायत दी कि उसकी ट्रांसपोर्ट नगर में ट्रांसपोर्ट है। इंडस्ट्रियल एरिया में स्थित दवा कंपनी ने उसकी ट्रांसपोर्ट में माध्यम से खेतीबाड़ी में इस्तेमाल होने वाली कीड़े मार दवा पटना साहब बिहार भेजी थी। एक ट्रक में विक्की और प्रिंस 710 नग और दूसरे ट्रक में भुपिंदर और रविंदर 804 नगर लेकर गए थे।
रास्ते में आरोपियों ने आपस में मिलीभगत करके एक ट्रक से 311 और दूसरे ट्रक से 366 नग कीड़ेमार दवा खुर्द-बुर्द कर दी। मामले का खुलासा उस समय हुआ जब फर्म ने बिहार से पेमेंट मंगवाई। जांच में आरोप सही पाये जाने पर चारो आरोपियों पर मामला दर्ज किया गया। इस संबंध में थाना डिवीजन नंबर 6 के एसएचओ जसबिंदर सिंह खैहरा ने बताया कि जांच में बाद मामला दर्ज किया गया है। पुलिस ने बताया कि आरोपियों की तलाश में रेड की जा रही है। जल्द की आरोपियों को काबू कर मामले में और भी खुलासे कर लिए जाएंगे। पुलिस ने बताया कि केस को सुलझाने को एक टीम भी बनाई गई है।