एग्रीकल्चरल रिपोर्टर | लुधियाना
पीएयू स्थित पंजाब एग्रीकल्चरल मैनेजमेंट एंड एक्सटेंशन ट्रेनिंग इंस्टीट्यूट (पामेटी) की ओर से डेयरी एक्सटेंशन मैनेजमेंट विषय पर 15 दिवसीय रिफ्रेशर ट्रेनिंग कोर्स का आयोजन किया गया। ट्रेनिंग प्रोग्राम में अलग-अलग जिलों से 18 प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया। पामेटी के डिप्टी डायरेक्टर रवनीत सिंह ने बताया कि इस कोर्स का मुख्य मकसद प्रतिभागियों को डेयरी टेक्नोलॉजी की टेक्निकल नॉलेज के साथ ही अलग-अलग एक्सटेंशन तरीकों के बारे में अवगत करवाना था। प्रतिभागियों को मिल्क प्रोडक्शन, वैल्यू एडिशन और मार्केटिंग के संबंध में भी जानकारी दी गई। विषय को बेहतर ढंग से समझाने के लिए प्रैक्टिकल भी करवाया गया।
डेयरी एक्सटेंशन मैनेजमेंट विषय पर आयोजित रिफ्रेशर ट्रेनिंग कोर्स में दिए टिप्स
इनोवेटिव मार्केटिंग स्ट्रेटेजी अपनाएं किसान तो होगा फायदा
पामेटी के डायरेक्टर डॉ. एचएस धालीवाल ने कहा कि फार्मर्स को डेयरी फार्मिंग साइंटिफिक तरीके से करनी चाहिए। इससे मिल्क प्रोडक्शन की मात्रा और गुणवत्ता में इजाफा होगा। इनोवेटिव मार्केटिंग स्ट्रेटेजी अपनाने के लिए भी डेयरी किसानों को प्रेरित किया गया। पीएयू, गडवासू और डिपार्टमेंट ऑफ डेयरी डेवलपमेंट से आए एक्सपर्ट्स ने किसानों से बातचीत की। साथ ही अलग-अलग तरह की टेक्नोलॉजी के बारे में भी जानकारी दी। प्रोग्रेसिव डेयरी फार्मर्स सुखराज सिंह और इकबाल सिंह ने अपने अनुभव प्रतिभागियों से साथ साझा किए। वेरका मिल्क प्लांट का दौरा भी करवाया गया। जहां वेरका के अफसरों ने दूध की प्रोसेसिंग और वैल्यू एडिशन से अवगत किया। वेलीडिक्टरी कार्यक्रम से कार्यक्रम का समापन किया गया। सभी प्रतिभागियों को रिफ्रेशर कोर्स में दी गई प्रैक्टिकल ट्रेनिंग का फायदा लेने के लिए प्रेरित किया गया।