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कपूरथला जिले के 608 गांवों में से एक ने भी नहीं भेजा शराब ठेके के खिलाफ प्रस्ताव

3 वर्ष पहले
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26 मार्च को हुई शराब के ठेकों की बोली में पंजाब भर के 22 जिलों से 86 गांवों की पंचायतों ने अपने गांव में शराब ठेका न खोलने का मता डाला है। जिसमें मात्र 25 गांवों के मते ही पास हुए हंै। 23 गांवों की एप्लीकेशन रद्द हो गई। 17 गांव में शराब के ठेके पहले ही बंद हंै। हैरानी की बात तो यह है कि कपूरथला जिले में 608 गांव की एक भी पंचायत ने शराब का ठेका न खोलने की बात उठाई है। 2 साल पहले जिले के एक गांव बलेरखानपुर ने अपने गांव में शराब का ठेका न खोलने की लिखित शिकायत की थी। जिसके बाद एक्साईज विभाग ने इस मते को प्रवान कर लिया था। अब तक वहां पर ठेका नहीं खुला। साल 2017 में जिले के 2 गांव मोली और पंडवा ने शराब के ठेकों को आबादी से बाहर करने की मांग की थी। तभी से ये ठेके आबादी से बाहर हैं। लेकिन साल 2018 की शराब ठेकों की नीलामी के समय जिले का एक भी गांव मनाही करने में आगे नहीं आया है।

-पंजाब में कहां कहां से पहुंची शराब का ठेका न खोलने की एप्लीकेशन : आंकड़ों के मुताबिक पंजाब भर से इस बार 86 गांवों ने अपने गांव में शराब के ठेके न खोलने के लिए पंजाब सरकार को मता भेज कर गुहार लगाई थी। लेकिन 25 गांव में ही सरकार ने इन मतो को प्रवानगी दी है। जबकि 17 गांव में पहले ही शराब के ठेके बंद है। कुल मिलाकर 42 गांवों में शराब के ठेके नहीं खुले हैं। जिनमें जिला रूप नगर का गांव कलसेड़ा, मोहाली जिले का गांव रायपुर, फरीदकोट जिले का गांव हरदयालेआणा, जिला जालंधर का गांव पचरंगा, जिला होशियारपुर का गांव सतनौर, बसीकाले खां, जिला पठानकोट का गांव ताजपुर, अकालगढ़, दरंग, जंगल, जिला फिरोजपुर का गांव लल्ले, पतली, भोलूवाला, माछी बूगरा, ख्वाजा खड़क, जिला पटियाला का गांव हलोताली, मेहरगाढ़ी बती, जिला संगरूर का गांव दीदारगड़, मुबारकपुर चुंगा, मानक माजरा, सकोपुर संग्राम, भगवानपुरा, बिम्बड़, अंदेली शामिल है।

इन गांव में आबादी से बाहर निकाले गए शराब के ठेके : जिला रूपनगर के गांव आलमपुर नंगली, जिला लुधियाना का गांव लताला, मोर करीमा, जिला मानसा का गांव दलिएवाली, जिला फरीदकोट का गांव अराईयांवाला कलां, जिला बठिंडा का गांव माही नंगल, जिला गुरदासपुर का गांव कलीचपुर, जिला पठानकोट का गांव गंडवा और जिला संगरुर के गांव चंगाल में शराब के ठेके आबादी से बाहर किए गए हैं।

2016 में गांव बलेरखानपुर ने बंद करवाया था ठेका
कपूरथला जिले के गांव बलरेखानपुर की सरपंच बलदीश कौर ने कहा कि उनके गांव में काफी समय से शराब का ठेका खुला हुआ था। गांव में श्री गुरु हरगोबिंद साहिब जी की याद में गुरुद्वारा साहिब भी बना हुआ है। गुरुद्वारा साहिब के पास ही शराब का ठेका था। जिसको लेकर लोगों की भावनाओं को ठेस पहुंच रही थी। शराब का ठेका बंद करवाने के लिए उन्होंने पहले साल 2015 में लिखित शिकायत की। लेकिन उनकी मांग समय पर न पहुंचने से रिजेक्ट हो गई। साल 2016 में उन्होंने फिर से मता डाल कर जिला प्रशासन और पंजाब सरकार को भेज दिया। आखिर यह मता पास हो गया। सरकार ने तभी से उनके गांव में शराब का ठेका नहीं खोला है।

2017 में गांव पंडवा व मोली से ठेके बाहर कराए थे | साल 2017 में गांव पंडवा और मोली के गांवों की पंचायतों ने अपने गांव में शराब ठेके की जगह बदलने के लिए सरकार को मता लिख कर भेजा था। जिसके बाद प्रशासन ने उक्त मते को प्रवान कर लिया। ऐसा होते ही सरकार ने दोनों गांवों से शराब के ठेकों को आबादी से बाहर कर दिया। तभी से दोनों गांव में शराब के ठेके आबादी से बाहर है। इस बार भी शराब के ठेके गांव से बाहर है।

जिले में 1487 एप्लीकेशन आई थीं शराब ठेके की
जिले में 395 शराब के ठेकों को लेकर 27 ग्रुप बनाए गए थे। जिनमें 235 ठेके देसी शराब और 160 ठेके अंग्रेजी शराब से सबंधित हैं। एक्साईज विभाग को 27 ग्रुप से 133 करोड़ 8 लाख 174 रुपए का रेवन्यू आया है। जिले में 608 गांव है। लेकिन एक भी गांव ने अपने गांव में शराब का ठेका न खोलने के लिए विभाग को कोई एप्लीकेशन तक नहीं दी है।

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