पीएयू और 25 निवेशकों में 70 करोड़ के एमओयू साइन
सूबे में फूड प्रोसेसिंग इंडस्ट्री को प्रोत्साहित करने के मकसद से कंफेडरेशन ऑफ इंडियन इंडस्ट्रीज (सीआईआई) ने पहला पंजाब एग्री एंड फूड कॉन्क्लेव पंजाब एग्रीकल्चरल यूनिवर्सिटी (पीएयू) में करवाया। इस दौरान इंडस्ट्री एंड कॉमर्स मिनिस्टर सुंदर श्याम अरोड़ा की मौजूदगी में पीएयू और 25 निवेशकों के बीच 70 करोड़ रुपए के एमओयू साइन किए गए। इसके तहत पीएयू अपने पास मौजूद तकनीक 50 फीसदी कम रेट पर उपलब्ध करवाएगी। मंत्री ने कहा कि इंडस्ट्री के बुनियादी ढांचे और बढ़ रही संभावनाओं के चलते सूबे को फूड प्रोसेसिंग हब के तौर पर विकसित किया जाएगा। इस इंडस्ट्री के लिए बेहतर वातावरण बन सके और आम लोग निवेश को आगे आएं, इसके लिए उन्हें कई तरह वित्तीय और गैर वित्तीय रियायतें सरकार उपलब्ध करवाएगी। इस मौके पर पीएयू के वाइस चांसलर बलदेव सिंह ढिल्लों, इंडस्ट्री डिपार्टमेंट के प्रिंसिपल सेक्रेटरी राकेश कुमार वर्मा, डायरेक्टर इंडस्ट्री डीपीएस खरबंदा, भवदीप सरदाना, संजय सिंघल, अक्षय बैक्टर, रिकेश सतीजा, संदीप कपूर मौजूद थे।
पंजाब के पास देश का 1.5 फीसदी हिस्सा, फिर भी उत्पादन में कई पिछड़े
स्टॉल पर जूस पीते कैबिनेट मंत्री अरोड़ा।
पंजाब के पास पूरे देश का सिर्फ 1.5 फीसदी हिस्सा ही है। मगर यहां होने वाली प्रोडक्शन में ये कई बडे़ जमीन वाले प्रदेशों को भी मात दे रहा है। पंजाब में होने वाले कुछ अहम उत्पादों का ब्योरा पूरे देश के लिहाज से फीसदी में कुछ इस तरह से है।
गेहूं : 18 फीसदी
चावल : 11 फीसदी
दूध : 8 फीसदी
कॉटन :10 फीसदी
किन्नू और संतरा : 32 फीसदी
मशरूम : 45 फीसदी
शहद : 17 फीसदी