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सरकार 1440 करोड़ सब्सिडी का सही डिस्ट्रीब्यूशन कर दिलाए राहत

3 वर्ष पहले
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इंडस्ट्री को 5 रुपए प्रति यूनिट देने का वादा कर कैप्टन के नेतृत्व में आई कांग्रेस सरकार अपना वादा पूरा करने में नाकाम साबित हो रही है, क्योंकि बिजली दरों में की गई 9.33 फीसदी बढ़ोतरी के बाद एमएसएमई इंडस्ट्री को बिजली 8.50 रुपए प्रति यूनिट पड़ रही है। इससे कारोबारी खासे परेशान दिखाई दे रहे हैं। उनका कहना है कि ग्लोबल प्रतिस्पर्धा के चलते बिजली महंगी पड़ने से प्रोडक्शन कास्ट अधिक पड़ रही है और ऐसे में मार्केट में बने रहना मुश्किल ही नहीं न मुमकिन हो रहा है। हालांकि इंडस्ट्री को राहत देने के मकसद से कैप्टन सरकार ने अपने आम बजट में बिजली पर 1440 करोड़ रुपए की सब्सिडी देने का प्रावधान रखा था, ताकि सरकार के चुनावी मेनिफेस्टो के अनुसार इंडस्ट्री को 5 रुपए प्रति यूनिट बिजली दी जा सके, लेकिन पावरकॉम ने टू-पार्ट टैरिफ सिस्टम लागू करके इंडस्ट्री को मिलने वाली सस्ती बिजली की उम्मीदों पर पानी फेर दिया है, क्योंकि पावरकॉम द्वारा बनाई गई पॉलिसी के अनुसार सब्सिडी का 87 फीसदी फायदा 6 फीसदी बड़े घरानों को ही होगा, जबकि 94 फीसदी स्माल और मीडियम इंडस्ट्री को सब्सिडी में मात्र 13 फीसदी हिस्सा ही मिलेगा।

अफसरशाही सरकार काे कर रही है गुमराह: इंद्रजीत सिंह नवयुग

यूनाइटेड साइकिल एंड पार्ट्स मैन्युफैक्चरर्स एसोसिएशन के प्रेसिडेंट इंद्रजीत सिंह नवयुग ने आरोप लगाते कहा कि अफसरशाही सरकार को गुमराह कर रही है, क्योंकि अफसरों ने सरकार द्वारा घोषित की गई 1440 करोड़ रुपए की सब्सिडी का फायदा चंद बड़े घरानों को दिलाने वाला काम किया है। उन्होंने बताया कि अफसरशाही की बदौलत ही 1440 करोड़ रुपए की सब्सिडी में से सूबे के 80754 एसपी कनेक्शन धारकों को 48 करोड़ रुपए, 24621 मीडियम कनेक्शन धारकों को 138 करोड़ रुपए और 6933 लार्ज कनेक्शन धारकों के हिस्से 1254 करोड़ रुपए आएंगे। अगर सब्सिडी का डिस्ट्रीब्यूशन सही ढंग से हुआ होता तो सभी राहत मिलना तय था।

फेडरेशन आॅफ पंजाब स्माल इंडस्ट्रीज एसोसिएशन्स (फोपसिया) के प्रेसिडेंट बदीश जिंदल ने सरकार को सुझाव देते कहा है कि अगर 1440 करोड़ रुपए की सब्सिडी का सही डिस्ट्रीब्यूशन कर दिया जाए तो इंडस्ट्री को बिजली 5 रुपए प्रति यूनिट मिलना संभव है। उनका सुझाव है कि अगर सरकार स्माल स्केल इंडस्ट्री को 142 करोड़ रुपए सब्सिडी दे देती है तो सूबे के 80754 एसपी कनेक्शन धारकों को सीधे तौर पर बिजली 5 रुपए प्रति यूनिट मिलने लगेगी। इसी तरह सरकार मीडियम पावर के 24621 कनेक्शन धारकों को 306 करोड़ रुपए सब्सिडी देकर सिंगल पार्ट टैरिफ के तहत 5 रुपए प्रति यूनिट बिजली मुहैया कराने में सक्षम हो सकती है। ऐसे ही सरकार अगर सूबे में चल रही बड़ी सरकारी इंडस्ट्री को सब्सिडी लाभ के दायरे से बाहर कर दे तो लार्ज स्केल कनेक्शन धारकों को भी टू-पार्ट टैरिफ के तहत 5 रुपए बिजली देना संभव होगा।

सब्सिडी का सही डिस्ट्रीब्यूशन होने से पड़ सकती है बिजली सस्ती

बदीश जिंदल

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