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देश के लिए दो बार जंग लड़ चुका फौजी लुधियाना पुलिस से हारा

3 वर्ष पहले
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लुधियाना | देश के लिए दो बार जंग लड़ने वाला रिटायर्ड फौजी लुधियाना पुलिस से हार गया। 70 साल के पूर्व सैनिक नायक किशोर चंद शर्मा को करीब तीन हफ्ते पहले पुलिस के सामने ही एक महिला समेत सात हमलावरों ने बैट पीट पीटकर अधमरा कर दिया था। वहीं मौजूद पुलिस मुलाजिम वीडियो बनाते रहे। आरोपी धमकियां देते हुए चले गए। इतना ही नहीं कार्रवाई के लिए फौजी का बेटा 22 दिन से थाना डाबा के धक्के खा रहा है। सब कुछ पुलिस के सामने हुअा फिर भी मामला दर्ज ही नहीं किया जा रहा था। हमले की वीडियो जब सीपी तक पहुंची, तब जाकर थाना डाबा में अमरजीत पप्पू, उसकी बहन ऊषा रानी, उसके जीजा अमरनाथ, ऊषा रानी के दो बेटों आशू व मनीष, ऊषा रानी के भांजे सुनील व एक अन्य युवक हरजिंदर पाल गोगना के खिलाफ 307, 323 व 34 के तहत मामला दर्ज किया गया। कोट मंगल सिंह की गली नंबर-5 में रहने वाले शर्मा पर हमला 27 अप्रैल को हुआ था। उनके बेटे संजीव कुमार ने सीपी, सीएम, चीफ सेक्रटरी को भी पत्र लिखे, लेकिन सात हमलावरों में से मुख्यआरोपी सहित पांच अभी भी फरार हैं। दो आरोपियों आशू व मनीष धवन ने शनिवार रात सरेंडर किया है। आरोपी भी उसी मोहल्ले के हैं। जानलेवा हमले में फौजी के सिर में फैक्चर हो गया था। सीएमसी में न्युरो सर्जरी करानी पड़ी। सिर में चार प्लेट्स डालनी पड़ीं और 60 के करीब टांके लगे हैं। शर्मा ने 1965 और 1971 की जंग लड़ी। देश सेवा के लिए उन्हें दो बार मेडल भी मिले हंै। संजीव ने बताया, ‘थाना डाबा पुलिस केस दर्ज करने में टाल मटोल करती रही। मैं रोजाना थाने के 5-6 चक्कर लगाता था। मुझे और मेरे परिवार को जान से मारने की धमकियां मिल रही है।’ संजीव ने बताया कि आरोपियों ने उनके साथ पहले भी झगड़ा किया था। ऊषा रानी और सुनील जमीन की धोखाधड़ी के एक मामले में भी नामजद हैं। चार साल से पुलिस गिरफ्त से बाहर थे। 27 अप्रैल की शाम करीब साढ़े छह बजे उनके पिता किशोर चंद घर की साथ वाली गली में अपने दोस्त से मिलने गए थे। ऊषा उसी गली में रहती हैं। वह लौटने लगे तभी ऊषा को गिरफ्तार करने पुलिस आ गई। उसे शक हुआ शर्मा के कहने पर पुलिस आई है। इसी कारण आरोपियों ने उन पर हमला कर दिया। किशोर चंद अब भी बोलने में असमर्थ हैं। रीढ़ की हड्‌डी और शरीर पर अन्य गहरी चोटों के कारण वह बिस्तर से उठ नहीं पाते।

संजीव के मुताबिक अमरजीत पप्पु, सुनील कुमार और मुनीष के खिलाफ मारपीट के आरोप में 2017 में थाना डाबा में शिकायत दी थी। उस समय के एसएचओ गुरबिंदर सिंह को करीब 6 बार शिकायत की। अगर तभी कार्रवाई होती तो यह हमला न होता। संजीव का आरोप है कि एक एडवोकेट आरोपियों की सपोर्ट कर रहा है। उसी के दबाव में कार्रवाई नहीं हो रही है। बयान में पिता किशोर चंद ने उक्त एडवोकेट का नाम लिखाया था, लेकिन पुलिस उसे बचाती रही। उन्होंने पुलिस कमिश्नर को शिकायत दे उसे भी मामले में नामजद करने की गुजारिश की है। संजीव ने कहा है कि सरेंडर करने वाले आरोपियों को थाने में वीआईपी ट्रीटमेंट मिल रहा है। वहीं, मौजूदा एसएचओ पवित्र सिंह ने कहा कि जल्द ही बाकी आरोपियों को भी पकड़ लिया जाएगा। पुलिस पर कोई दबाव नहीं है।

कोट मंगल सिंह में हुआ था हमला

देश के लिए गर्व की तस्वीर

पुलिस के लिए शर्म की तस्वीर

22 दिन पहले पुलिस के सामने ही रिटायर्ड फौजी को बैट से किया अधमरा, सिर में 60 टांके लगे, चार प्लेट्स डलीं; मुख्य आरोपी समेत 5 हमलावर अब भी फरार

पुलिस ने खुद बनाई थी वीडियो, पर कार्रवाई में लापरवाही, सीपी तक वीडियो पहुंची तब हुआ पर्चा, फौजी बिस्तर पर पड़ा, बेटा खा रहा धक्के, परिवार को मिल रहीं धमकियां, शनिवार को दो आरोपियों ने थाना डाबा में किया सरेंडर

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