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बुड्‌ढे नाले पर अनसेफ पुल 15 दिन बाद भी नहीं किया बंद

3 वर्ष पहले
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ओल्ड जीटी रोड पर बुड्ढे नाले के ऊपर बना पुल सात साल पहले अनसेफ घोषित होने के बावजूद हैवी व्हीकल्स के लिए अभी तक बंद नहीं हुआ है। पिछले 15 दिन से इसे लेकर अफसरों के बीच चिट्ठियां भेजी जा रही हैं। निगम ने तीन मई को डीसी को लेटर भेजकर जानकारी दी। इसके बाद यह लेटर 15 मई को ट्रैफिक पुलिस के पास पहुंचा। अब ट्रैफिक पुलिस ने डीसी को लेटर भेजकर निगम के जरिए इस पर बैरिकेडिंग करने को कहा। उधर, निगम अफसर कह रहे हैं कि यह पीडब्ल्यूडी बीएंडआर की मलकीयत है तो बंद भी वही करेंगे। साफ है कि सरकारी महकमों के बीच अभी तक यही चिट्ठी का लेन-देन चल रहा है। लापरवाही के यह हालात तब हैं, जबकि गिल फ्लाईओवर का एक हिस्सा गिरने और इससे पहले जगराओं पुल भी इसी तरीके से बंद करने की वजह से शहर में ट्रैफिक का इश्यू गंभीर बना है।

निगम अफसरों ने तीन मई को डीसी को भेजा था लेटर, मगर नहीं हुआ एक्शन

सात साल पहले जीएनई की टीम ने घोषित किया था पुल को अनसेफ

इस पुल को बने लगभग सौ साल से ज्यादा हो चुके हैं। गुरुनानक देव इंजीनियरिंग कॉलेज ने 11 जुलाई 2011 को इस पुल को अनसेफ घोषित कर दिया। इसके बाद पीडब्ल्यूडी ने भी 4 अप्रैल 2013 को इसे अनसेफ बताते हुए नया पुल बनाने की सलाह दी। निगम ने डीसी को भेजे लेटर में दावा किया कि नए पुल के लिए योजना बनाई जा रही है। निगम ने खुद कहा कि हैवी व्हीकल्स की आवाजाही की वजह से यह पुल किसी भी वक्त गिर सकता है। हालांकि सवाल यह है कि यह पुल को हैवी व्हीकल्स के लिए बंद करना है तो यह खुद निगम का काम है, ऐसे में वो डीसी को लेटर लिखकर किसे सिफारिश कर रहे हैं। इस बारे में निगम के एक अफसर ने कहा कि कमिश्नर ने डीसी-पुलिस कमिश्नर को लेटर लिखा था। एडिशनल कमिश्नर संयम अग्रवाल को भी बताया जा चुका है। अब अगर डिप्टी कमिश्नर की तरफ से कमिश्नर को आदेश आता है तो हम तुरंत यहां बैरिकेडिंग कर देंगे।

मुझे सात मई को लेटर मिला। मैंने उसी वक्त कार्रवाई के लिए पुलिस-निगम को भेजा था। ओल्ड जीटी रोड निगम को हैंडओवर हो चुकी है तो पुल भी उन्हीं के अधिकार में है। मैं कमिश्नर से बात करूंगा। ट्रैफिक डायवर्जन के लिए पुलिस को लिखा जा चुका है। -प्रदीप अग्रवाल, डिप्टी कमिश्नर

सौ साल से ज्यादा हो चुकी लाइफ पुल की लाइफ सौ साल से ज्यादा हो चुकी है। ऐसे में यह अपनी मियाद पूरी कर चुका है। पुल के डाट की काफी ईंटें टूट चुकी हैं। पुल की दीवारों का सरिया जंग लगने से खराब हो चुका है। यही नहीं, पेड़ों की जड़ों का जाल भी पुल की डाटों में फैल चुका है।

सदा-ए-सरहद, सिटी बस भी गुजरती है यहीं से निगम अफसरों की पुल को लेकर लापरवाही देखिए कि यहीं से पाकिस्तान जाने वाली सदा-ए-सरहद बस भी यहीं से गुजरती है और सिटी बस भी सैकड़ों लोगों को लेकर यहीं गुजरती है। इसके बावजूद अफसर अनसेफ पुल को बंद करने के लिए सीरियस नहीं हैं। यही नहीं, यहां से सरेआम बसें, हैवी ट्रक शॉर्टकट के चक्कर में निकल रहे हैं।

यह गंभीर इश्यू है कि पुल अनसेफ हो चुका है तो उसे हैवी व्हीकल्स के लिए बंद करने में देरी क्यों हो रही है। वहां हमारे पास ऑल्टरनेट रूट भी है। मैं निगम कमिश्नर से बात करूंगा कि तुरंत इस बारे में कार्रवाई की जाए। -बलकार संधू, मेयर, नगर निगम

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