एडिशनल कमिश्नर ने सबूत मांगा तो उतारे इललीगल एड
नई एडवरटाइजमेंट पॉलिसी को लागू कर इललीगल एड उतारने के लिए दस दिन का टाइम देने के बावजूद जोनों में एक्शन नहीं हुआ। डेडलाइन को चार दिन बाकी देख एडिशनल कमिश्नर संयम अग्रवाल ने जोनल कमिश्नरों को सबूत के तौर पर फोटोग्राफ्स भेजने को कहा तो अफसर हरकत में आए। इसके बाद शाम को एड ब्रांच के अफसरों ने कार्रवाई करते हुए पहले पॉलीटिकल होर्डिंग्स को निशाना बनाया। सबसे पहले शहर में यूनीपोल्स पर लगे मेयर बलकार संधू को बधाई देते बैनर उतारे गए। वहीं, दो दिन पहले बीजेपी के पंजाब प्रधान श्वेत मलिक के स्वागती बोर्डों को भी उतारा गया।इस कार्रवाई को ही सबूत के तौर पर आगे डेडलाइन देने वाले एडिशनल कमिश्नर संयम अग्रवाल को भेजा गया।
20 अप्रैल तक उतारनी हैं बिना मंजूरी की एड
बता दें कि सरकार ने 21 मार्च को नई एड पॉलिसी का नोटिफिकेशन किया था। इसके बाद 9 अप्रैल को ब्रांच इंचार्ज एडिशनल कमिश्नर संयम अग्रवाल ने चारों जोनल कमिश्नरों को लेटर लिखा कि वो दस दिन में सभी इललीगल एड उतार दें। जिन्हें मंजूरी दी गई है, उसके बारे में रिपोर्ट भेज दें। यह लेटर 10 अप्रैल को ही जोनल कमिश्नरों के ऑफिस में रिसीव हो गया था। इसके बावजूद जोन स्तर पर अफसरों ने इसे कोई तरजीह नहीं दी। कई जोनों में तो ये आदेश एडवरटाइजमेंट सुपरिंटेंडेंट के पास तक नहीं पहुंचा। जोनों में कार्रवाई न होने का पता चलने पर संयम अग्रवाल ने सोमवार दोपहर बाद जोनल कमिश्नरों को कार्रवाई के फोटोग्राफ्स भेजने के लिए कहा। इसके बाद अफसर फील्ड में उतरे।