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सेहत महकमे के स्टोर कीपर को 5 साल कैद

3 वर्ष पहले
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करप्शन और जालसाजी के मामले में सिविल सर्जन ऑफिस लुधियाना में तैनात स्टोर कीपर को दोषी करार देते हुए 5 साल कैद की सजा सुनाई गई है। एडिशनल सेशन जज वरिंदर अग्रवाल की अदालत ने दोषी स्टोर कीपर विनोद कुमार (49) निवासी न्यू शिवपुरी रोड को 2 लाख रुपए का जुर्माना भी किया है। जुर्माना अदा न करने पर दो साल 3 महीने की अतिरिक्त सजा भुगतनी पड़ेगी।

सरकारी पक्ष के अनुसार 10 अगस्त 2006 को विजिलेंस पुलिस की जांच रिपोर्ट पर स्टोर कीपर विनोद कुमार के खिलाफ करप्शन और जालसाजी की धाराओं के तहत मामला दर्ज हुआ था। सिविल सर्जन लुधियाना को 2002 से 2005 तक के सामान और दवाइयों के लिए 3 करोड़ 17 लाख 84 हजार का बजट मिला था। इसमें से 2 करोड़ 42 लाख 93 हजार इस्तेमाल होने के बाद 74 लाख 91 हजार बाकी बच गए थे। आरोपी विनोद कुमार 1999 से 2005 तक सिविल सर्जन दफ्तर में बतौर स्टोर कीपर लगा था। उसने कागजों में हेरफेर कर लगभग चार लाख की हेराफेरी की थी। जांच में सामने आया कि उसने अपनी हेराफेरी छिपाने के लिए जाली पर्चियां, रसीदें और बिल वगैरा भी असिस्टेंट सिविल सर्जन के साथ मिलकर बनाए थे। मामले की जांच विजिलेंस थाना लुधियाना के डीएसपी बनारसी दास ने की। मामला दर्ज होने के बाद 30 अगस्त 2006 को आरोपी को गिरफ्तार करके चालान अदालत में पेश किया गया। तफतीश में असिस्टेंट सिविल सर्जन को निर्दोष पाए जाने पर उनके खिलाफ चालान नहीं पेश हुआ। सबूतों के आधार पर अदालत ने दोषी को सख्त सजा सुनाई। सरकारी वकील एसएस हैदर ने फैसले को सराहनीय बताया और करप्शन करने वाले लोगों को इससे नसीहत लेने की बात कही।

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