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सेक्रेटरी और सुपरिंटेंडेंट में विवाद ठंडा करने की कोशिशें शुरू

3 वर्ष पहले
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जिस निगम यूनियन का नाम लेकर वायरल ओडियो में विवादित निगम सेक्रेटरी द्वारा सुपरिंटेंडेंट को गालियां देने की बदतमीजी की गई, अब इसी यूनियन का वास्ता देकर गर्माए सेक्रेटरी-सुपरिंटेंडेंट विवाद को ठंडा करने की कोशिशें तेज हो गई हैं। इस विवाद के बाद नवनियुक्त मेयर बलकार सिंह को सम्मानित करने को उक्त यूनियन की ओर से मेयर हाउस में किए गए इकट्ठ दौरान विवादित सेक्रेटरी और पीड़ित सुपरिंटेंडेंट एक ही सोफे पर एक साथ बैठ चुके हैं, लेकिन ये सिटिंग किसी सिरे नहीं लग पाई। असल में जहां विवादित सेक्रेटरी अपशब्द के बाण अपने मुंह से निकाल चुके हैं। वहीं, इन अपशब्दों से आहत सुपरिंटेंडेंट भी इस ओडियो को अपने ग्रुप में वायरल कर झोले से बिल्ली बाहर कर चुके हैं। ऐसे में तेजी से वॉयरल हो रहे इस ओडियो ने सेक्रेटरी की मुसीबतों में लगातार इजाफा करना शुरू कर दिया है। वहीं, दूसरी ओर शुक्रवार को निगम कमिश्नर जसकिरन सिंह की ओर से किए गए तबादला आर्डर व नए चार्ज के ऑर्डर संबंधित जोन में सर्कुलेट हो गए। कमिश्नर द्वारा जारी आदेशों में ये भी बड़ी बात है कि इस आर्डर की किसी निचले अफसर की कोई प्रोसिडिंग नहीं गई, सीधे निगम कमिश्नर को आए किसी फोन के आधार पर सीधे ट्रांसफर आॅर्डर जारी किए गए हैं। गौर हो कि निगम में करीब तीन साल पहले बनी इस यूनियन के जन्मदाता भी पीड़ित सुपरिंटेंडेंट राजीव भारद्धाज ही हैं और उनके एक समुदाय के साथ हुए विवाद के बाद इस यूनियन का नामकरण हुआ था। पहले भारद्धाज का इस यूनियन का प्रधान बनाया जा रहा था, लेकिन भीतरी पॉलिटिक्स के चलते बाद में उनका नाम पीछे हो गया था।

ब्राह्मण सभा ने की निंदा
सिविल लाइंस ब्राह्मण सभा के पदाधिकारी निप्पी शर्मा ने विवादित सेक्रेटरी की ओर से सुपरिंटेंडेंट राजीव भारद्धाज के साथ की गई बदतमीजी की कड़़े शब्दों में निंदा की है। निप्पी शर्मा ने कहा कि हम इस मामले में पूरी तरह से राजीव भारद्धाज के साथ हैं और अगर उक्त मामले में किसी तरह के संघर्ष की जरूरत पड़ी तो वो भी किया जाएगा।

बैंस बोले, सेक्रेटरी पर हो कार्रवाई
विधायक सिमरजीत सिंह बैंस ने कहा कि अगर ये सेक्रेटरी लुधियाना निगम में तैनात नहीं हैं, तो वे यहां तहबाजारी की कार्रवाई न करने और रिश्वत को बढ़ावा देने की बात हैसियत से सकता है। उसकी ओर से की गई बदतमीजी पर निगम स्टाफ को उसके खिलाफ पुलिस में एफआईआर करवानी चाहिए। मैं इस मामले में सेक्रेटरी, लोकल बॉडी और नगर निगम कमिश्नर से आज बात करूंगा। ट्रांसफर किए गए अफसरों को इंसाफ दिलाया जाएगा।

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