पंजाब नेशनल बैंक को तिमाही में 13,417 करोड़ रुपए का शुद्ध घाटा
बैंक को एक तिमाही में सबसे बड़ा घाटा
नई दिल्ली| घोटाले की मार झेल रहे पंजाब नेशनल बैंक को मार्च तिमाही में 13,416.91 करोड़ रुपए का भारी शुद्ध घाटा हुआ है। ऐसा मुख्य रूप से फंसे कर्ज की वजह से हुआ है। किसी एक तिमाही में यह पीएनबी का सबसे बड़ा घाटा है।
बैंक को 2016-17 की इसी तिमाही में 261.90 करोड़ रुपए का लाभ हुआ था। कुल आमदनी भी चौथी तिमाही में पिछले साल के मुकाबले 14,989.33 करोड़ रुपए से घटकर 12,945.68 करोड़ रुपए पर रह गई है।
बैंक को ग्रास नेट परफॉर्मिंग असेट्स (एनपीए) या फंसे कर्ज से बड़ी क्षति हुई है, जो इस साल मार्च अंत में बढ़कर 18.38 फीसदी हो गया। पिछले साल यह 12.53 फीसदी था। नेट एनपीए पिछले साल की तुलना में 7.81 फीसदी से बढ़कर 11.24 फीसदी हो गया। नीरव मोदी धोखाधड़ी मामले में बैंक ने 7,178 करोड़ रुपए का प्रावधान किया जो वित्त वर्ष 2017-18 की चौथी तिमाही के दौरान किए गए कुल 14,356 करोड़ रुपए के प्रावधान की राशि का पचास फीसदी है। शेष राशि काे मौजूदा वित्त वर्ष की तीन तिमाहियों में कवर किया जाएगा।
बैंक के अनुसार उसने दूसरे बैंकों को लैटर ऑफ अंडरटेकिंग और फोरेन लैटर ऑफ क्रेडिट के तहत बनने वाली देनदारी के मद में 6,586.11 करोड़ रुपए चुका दिए हैं। बैंक में हुई धांधली में इसके स्विफ्ट सिस्टम का दुरुपयोग करते हुए कुछ बैंकों की विदेशी शाखाओं को अनधिकृत रूप से एलओयू और एफएलसी जारी की गईं। यह घोटाला दो अरब डॉलर से अधिक का आंका जा रहा है। एक दिन पूर्व बैंक के दो कार्यकारी निदेशकों पर सरकार ने राेक लगाते हुए उनके सभी अधिकारी वापस ले लिए थे।