कॉलेज का सम्मान बढ़ाने वाली छात्राओं का सम्मान
महम राजकीय पॉलिटेक्निक कॉलेज में रविवार को वार्षिक पारितोषिक वितरण सरगम समारोह का आयोजन किया गया। समारोह में एसपी पंकज नैन मुख्यातिथि रहे। भाजपा नेता शमशेर खरकड़ा, ओमकार चौधरी व सोनीपत पॉलिटेक्निक काॅलेज के प्रिंसीपल ने विशिष्टातिथि रहे। इस दौरान हरियाणवी कलाकार महाबीर गुड्डू व उनकी टीम ने देशभक्ति व हरियाणवी गीतों से मनोरंजन किया। विद्यार्थियों ने बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ और डाॅक्टरों की लापरवाही पर नाटक प्रस्तुत कर दर्शकों को भाव विभोर किया। काॅलेज के विद्यार्थियों ने भी अपनी कला का प्रदर्शन किया। वहीं संस्थान प्रांगण में एसपी नैन ने पौधरोपण कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया। काॅलेज प्राचार्य दलजीत सिवाच ने विद्यार्थियों के उज्जवल भविष्य की कामना करते हुए संस्थान का रिपोर्ट कार्ड पेश किया। एसपी पंकज नैन ने सभी छात्रों को दिल से पढ़ाई करने की बात कही। भाजपा नेता शमशेर खरकड़ा व ओमकार चौधरी ने कहा कि आरक्षण के नाम पर कुछ नेता लोगों को बरगला रहे हैं। अच्छा व्यक्ति किसी भी जगह जाकर अपनी प्रतिभा का लोहा मनवा सकता है। उन्होंने कहा कि चल रहे कॉमनवेल्थ गेम में पदक जीतने वाले खिलाडी आरक्षण कोटे से खेलने नहीं गए थे। उन्होंने अपनी काबिलियत से मेडल प्राप्त किए हैं चाहे वे किसी भी वर्ग से संबंध रखते हों। एसपी पंकज नैन ने काॅलेज के छात्रों को पुरस्कार देकर सम्मानित किया। इस दौरान सुरेश नेहरा, टीपीओ नेहा मिड्ढा, पार्षद बसंतलाल गिरधर, नरेश कुमारी, डॉ. संदीप राजन, मंडल अध्यक्ष सतबीर भराण, सरपंच जोगेंद्र भराण, सुरेन्द्र मोखरा, वेदप्रकाश आिद थे।
सम्मान
राजकीय पॉलिटेक्निक कालेज में मनाया वार्षिक पारितोषिक वितरण समारोह
रोहतक. पौधरोपण करते एसपी पंकज नैन।
घंटों इंतजार के बाद भी एसपी से नहीं मिल सके ग्रामीण
महम | महम राजकीय पॉलिटेक्निक कॉलेज में हिसार के सिंघवा खास और अजायब के ग्रामीणों को एसपी पंकज नैन से मिलने नहीं दिया गया। एसपी नैन रविवार को वार्षिक पारितोषिक वितरण सरगम समारोह में मुख्यातिथि पहुंचे थे। ग्रामीण अजायब गांव की छात्रा लापता के मामले में एसपी से मिलने पहुंचे थे। एसपी सुरक्षा में तैनात पुलिस कर्मियों ने ग्रामीणों के बार-बार अनुरोध करने के बाद भी एसपी से मुलाकात नहीं करने दी। सुरक्षा कर्मियों ने ग्रामीणों को थाने में मुलाकात करवाने का आश्वासन दिया। लेकिन एसपी नैन थाने में नहीं गए। ग्रामीणों को घंटों इंतजार करने के बाद मायूस होकर लौटना पड़ा।