जिला शिशु सुरक्षा विभाग के प्रयासों से वापस लौटा मूकबधिर
खरियार रोड| जिले के कोमना थानांतर्गत तरबोड़ के पास स्थित बंजारी अक्षम सेवा केंद्र से बीते 31 मार्च को गुमशुदा हो गया बच्चा जिला शिशु विभाग के प्रयासों से वापस मिल गया है। इस बच्चे को शनिवार को जिला शिशु विभाग के दफ्तर में जिला शिशु सुरक्षा अधिकारी (डीसीपीओ) बलदेव रथ के नेतृत्व में उसके पिता व अक्षम सेवा केंद्र के पदाधिकारियों के सुपुर्द कर दिया गया। बंजारी अक्षम सेवा केंद्र से मूक व बधिर बालक जितेंद्र मेहेर विगत 31 मार्च को गुमशुदा हो गया था जिसकी गुमशुदगी की रिपोर्ट कोमना थाने में दर्ज करवाई गई थी। यह बच्चा बागबाहरा रेलवे स्टेशन में घूमता पाया गया था।
महासमुंद के प्रोटेक्शन आफिसर नरेंद्र राउत के निर्देश पर बालक को बिहाझर स्थित श्रीकृष्णा बाल आश्रम में रखा गया। मूक व बधिर होने के कारण वह अपने बारे में कुछ भी बता पाने सक्षम नहीं था। लिहाजा उसके बारे में जानकारी लेने के लिए नुआपाड़ा डीसीपीओ से संपर्क किया गया तो बालक के बारे में पूरी जानकारी मिली। ज्ञात हो कि नुआपाड़ा जिला शिशु सुरक्षा विभाग का प्रदेश के सभी जिलों समेत पड़ोसी राज्य छत्तीसगढ़, आंध्र प्रदेश आदि के शिशु सुरक्षा विभाग से बेहतर तालमेल लगातार संपर्क होने के कारण मूक बधिर बालक की जल्द पतासाजी हो सकी। शनिवार को छुट्टी होने के बावजूद शिशु सुरक्षा विभाग काम पर लगा रहा। उक्त बालक के हस्तांतरण के समय महासमुंद के प्रोटेक्शन आफिसर नरेंद्र राउत भी उपस्थित थे।
खरियार रोड. बालक को हस्तांतरित करती शिशु विभाग की टीम।