आधी रात हाथियों ने लहलहाती फसल रौंदी, मुआवजे की मांग
सिरपुर क्षेत्र में एक बार फिर हाथियों ने उत्पात मचाया है। शुक्रवार-शनिवार की दरम्यानी रात दो दंतैलों ने चुहरी गांव के कई एकड़ धान की खड़ी फसल को तबाह कर दिया। मिली जानकारी के अनुसार वर्तमान में दोनों हाथी कक्ष क्रमांक133 अमलोर में हैं। ग्रामीण हाथियों के साथ भालुओं से भी परेशान हैं। शुक्रवार को भोरिंग में भालू ने जमकर उत्पात मचाया।
कुमकाी हाथियों के लिए बनाए गए अमलोर कैंप के पास ही शुक्रवार रात हाथियों ने रबी फसल को नुकसान पहुंचाया। ग्रामीणों ने बताया कि चुहरी गांव से 1 किमी दूर दशरू राम निषाद का 2 एकड़, अर्जुन ध्रुव की 2 एकड़, लखन निषाद 50 डिसमिल, दिसंबर ध्रुव 30 डिसमिल और दरसबाई ध्रुव ने 50 डिसमिल भूमि पर उन्होनें रबी फसल उगाई है, जिसमें बाली लगनी शुरु हो चुकी थी। रात में फसल की रखवाली कर रहे गंगाराम ने बताया कि रात करीब 9-10 बजे के बीच दो दंतैल हाथी पहुंचे और फसलों को नुकसान पहुंचाने लगे जिसकी सूचना उन्होंने ग्रामीणों को दी। सूचना पर ग्रामीण एकजुट हुए और हाथियों को खदेड़ने का प्रयास करने लगे।
महासमुंद। फसल लगे खेत से हाथियों के गुजरने से हुई दुर्दशा।
कुमकी हाथियों की आवभगत में ही लाखों खर्च: राधेलाल
क्षेत्र में पिछले दो साल से हाथियों की दहशत से परेशान ग्रामीणों द्वारा बनाई गई हाथी भगाओ, फसल बचाओ समिति के संयोजक राधेलाल सिन्हा ने नुकसान की भरपाई की मांग वन विभाग से की है। सिंहा ने कहा कि वन विभाग द्वारा कर्नाटक से मंगाए गए 5 कुमकाी हाथियों पर अब तक विभाग ने केवल आवभगत में ही लाखों खर्च कर दिए पर बिगड़ैल हाथियों को भगाने में इनका उपयोग नहीं किया जा सका है।