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45 दिनों में हाथी नहीं भगा सके तो 42 गांवों के लोग तय करेंगे अपना विधायक प्रत्याशी

3 वर्ष पहले
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हाथियों से परेशान सिरपुर क्षेत्र के 42 गांव के किसानों के लिए ग्राम लहंगर में बैठक रखी गई। बैठक में इन गांव के किसान प्रतिनिधियों ने साफ कहा कि 45 दिनों में इस समस्या का कोई हल नहीं निकला तो वे हाथी प्रभावित गांव से ही अपने लिए प्रतिनिधि चुनेंगे और उसे विधानसभा भेजने का पूरा प्रयास करेंगे। यही नहीं किसानों ने दो टूक में कहा कि हर बार हाथियों की पूजा करने वाले बयान अब नहीं चलेंगे, जो हमें पूजा करने की नसीहत देते हैं उन्हें ही चुनाव के समय वोट के लिए गणपति की पूजा करनी पड़ेगी।

इधर, बइठका में मौजूद भाजपा जिलाध्यक्ष इंद्रजीत सिंह गोल्डी ने किसान प्रतिनिधियों से कहा कि आज ही आप प्रतिनिधि मंडल की सूची तैयार कर मुझे दें। सप्ताहभर के भीतर मैं खुद आपके साथ सीएम हाउस चलूंगा और इस समस्या के समाधान के लिए चर्चा की जाएगी।

मंगलवार को ग्राम लहंगर में हाथी प्रभावित 42 गांव के किसान प्रतिनिधियों की बैठक आयोजित की गई थी। बैठक में 35 गांव के सैकड़ों प्रतिनिधि उपस्थित हुए। बैठक में प्रशासन की ओर से डीएफओ आलोक तिवारी, उप वनमंडलाधिकारी अतुल श्रीवास्तव सहित वन अमला मौजूद था। वहीं सत्ताधारी दल की ओर से बीजेपी जिलाध्यक्ष बैठक में शामिल थे। डीएफओ आलोक तिवारी ने कहा कि हाथियों को भगाने के लिए लगातार प्रयास किया जा रहा है। कुमकी हाथियों का प्रशिक्षण अभी भी जारी है। हम लगातार कोशिश कर रहे हैं कि वो जल्द तैयार हाे जाए। किसानों की जो मांग है, उसे जल्द ही उच्च अधिकारियों को अवगत कराया जाएगा।

आठ महीने पहले किसानों ने हाथियों की समस्या लेकर किया था कलेक्टोरेट का घेराव

महासमुंद. सिरपुर क्षेत्र के 42 गांव के किसानों के लिए ग्राम लहंगर में बैठक के दौरान चर्चा करते ग्रामीण।

आजादी के बाद से कभी सिरपुर क्षेत्र से भाजपा को नहीं मिली लीड

राजनीतिक जानकारों की मानें तो आजादी के बाद से भाजपा को सिरपुर क्षेत्र से कभी लीड नहीं मिली। इस क्षेत्र में हमेशा ही कांग्रेस ने ही सबसे ज्यादा वोट हासिल किया है। पिछले विधानसभा चुनाव में कांग्रेस को सबसे ज्यादा वोट मिले थे। जबकि दूसरे नंबर पर निर्दलीय विधायक डॉ. विमल चोपड़ा थे और तीसरे नंबर पर भाजपा थी। यदि हाथी की समस्या संबंधी कोई कारगर कदम उठाए जाते हैं तो भाजपा क्षेत्र के काफी वोटर्स को साधने में सफल हो सकती है।

अधिकारियों के सामने हाथ जोड़ना छोड़ो

मालीडीह के वरिष्ठ नागरिक और किसान अरुण चंद्राकर ने बइठका में कहा कि मुआवजा बढ़ाने सहित अपनी मांगों के लिए अब तक अधिकारियों के हाथ जोड़ना छोड़ो। अब समय आ गया है कि हमें खुद ही अपनी लड़ाई लड़नी होगी। वहीं हाथी भगाओ-फसल बचाओ समिति के संयोजक राधेलाल सिन्हा ने कहा कि 12 सूत्रीय मांगों को लेकर कलेक्टर से लेकर वन मंत्री और सीएम से मुलाकात कर चुके हैं। बावजूद इसके समस्या का हल नहीं हो पा रहा है। ऐसे में हमारे पास कोई रास्ता नहीं बचता। उन्होंने वन विभाग को आड़े हाथ लेते हुए कहा कि आपके पास न डंडा है न बंदूक है, ऐसे में आप हाथियों से हमारी क्या रक्षा करेंगे, आप पहले खुद की सुरक्षा कर लें। इसके अलावा गांव के एक महिला ने भी अपनी बात रखते हुए कहा कि गांव की 10 से अधिक बेटियां हाथियों के डर से पढ़ाई छोड़ चुकी हैं।

30 अगस्त 2017 को सिरपुर क्षेत्र के हाथी प्रभावित किसानों ने कलेक्टोरेट का घेराव किया था। तब किसानों ने 12 सूत्रीय मांगे रखी थी। इसमें हाथियों द्वारा नुकसान करने पर प्रति एकड़ मुआवजा राशि बढ़ाने, किसी की मृत्यु पर 10 लाख रुपए देने जैसी प्रमुख मांग सहित अन्य मांग शामिल थी। इस दौरान ग्रामीणों की समस्याओं के जल्द निराकरण का आश्वासन अधिकारियों ने दिया था। इसके बाद कल बइठका में मौजूद भाजपा जिलाध्यक्ष इंद्रजीत सिंह गोल्डी ने किसान प्रतिनिधियों से कहा कि आज ही आप प्रतिनिधि मंडल की सूची तैयार कर मुझे दें।

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