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जिले में 17 ब्लैक स्पॉट, यहां पिछले तीन साल में हुईं 5 या इससे अधिक मौतें

3 वर्ष पहले
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जिले के नेशनल हाइवे 53 में घोड़ारी से लेकर सिंघोड़ा थाने के ग्राम रेटीखोल तक 17 ऐसी जगहों का पता लगाया गया है, जहां अधिकांश दुर्घटनाएं होती हैं। इन स्थानों पर सुधार की क्या आवश्यकता है, इसे लेकर यातायात पुलिस ने प्रारंभिक रिपोर्ट तैयार कर एनएचएआई और यातायात विभाग को भेज दी है।

सर्वाधिक 5 ब्लैक स्पॉट पटेवा थाना क्षेत्र में है, जहां बड़े साइन बोर्ड और ब्लिंकर लगाने की आवश्यकता है। इसी प्रकार बसना, सांकरा और सराईपाली में 3-3 ब्लैक स्पॉट चिह्नांकित किए गए हैं। 21 फरवरी को एडीजी यातायात टीजे लांगकुमेर, पुलिस अधीक्षक संतोष सिंह, एनएचएआई के रीजनल अफसर एसके मलिक की संयुक्त टीम ने महासमुंद जिले के मुख्य सड़कों का दौरा किया था।

इस दौरान टीम नेशनल हाइवे 53 में का निरीक्षण किया और स्थानीय यातायात विभाग से जिले के ब्लैक स्पॉट चिह्नांकित कर क्या सुधार की आवश्यकता है, इसे लेकर रिपोर्ट मांगी गई थी। पुलिस अधीक्षक महासमुंद संतोष कुमार सिंह ने बताया कि अभी भेजी गई रिपोर्ट प्रारंभिक है। इसका विस्तृत विश्लेषण पीडब्ल्यूडी, एनएचएआई और ट्रैफिक की संयुक्त टीम करेगी। विश्लेषण के पश्चात इसमें सुधार कार्य किया जाएगा।

किसी भी स्थान पर पांच या इससे अधिक मौत, मतलब ब्लैक स्पॉट : यातायात पुलिस की मानें तो ब्लैक स्पॉट चयन उन स्थानों में पिछले तीन साल में हुई मौतों और दुर्घटना के आंकड़ों के आधार पर किया जाता है। यदि किसी स्थान पर पिछले तीन साल में पांच या इससे अधिक मौतें हुई है तो उसे ब्लैक स्पॉट के रूप में चिह्नांकित किया जाता है। महासमुंद जिले में ऐसे कुल 20 स्पॉट हैं।

पीडब्ल्यूडी, एनएचएआई, ट्रैफिक की टीम करेगी जांच

पुलिस विभाग की ओर से सौंपे गए रिपोर्ट के अनुसार प्रारंभिक तौर पर दुर्घटनाओं को रोकने के उपाय भी बताए गए हैं। लेकिन विभाग की मानें तो इन ब्लैक स्पॉट को समाप्त करने के लिए पीडब्ल्यूडी, एनएचएआई और यातायात विभाग को संयुक्त रूप से एक बार फिर मौके का निरीक्षण करना होगा। ताकि तकनीकी और इंजीनियरिंग की गड़बड़ियों के बारे में विस्तृत विश्लेषण किया जा सके।

ये हैं ब्लैक स्पॉट जिनमें है सुधार की आवश्यकता

500 मीटर दूर वो दायरा जो ब्लैक स्पॉट है

घाेड़ारी

नवागांव मोड़

तोरला पड़ाव

सिनोधा मोड़

पेट्रोल पंप से औद्योगिक क्षेत्र बिरकोनी तक महासमुंद डिवाइडर के बीच में रेलिंग लगाने की आवश्यकता, अमावस मोड़ से भोरिंग ओव्हरब्रिज तक, पटेवा बस स्टैंड से सिनोधा मोड़ तक, नवागांव मोड़ पटेवा, तोरला पड़ाव (मोड़) पटेवा आदि पूरे जिले में 17 खतरनाक जगह हैं।

चिरको पड़ाव

बल्दीडीह चौक

टेका पहाड़ी

भगत देवरी

िबरांगी पाली

साल्हे तराई

िसंघोड़ा मंदिर

पोंसरा

देवीखोल

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