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पासिद जलाशय के दूषित हुए पानी से गंगा और दुर्योधन को हुआ इन्फेक्शन

3 वर्ष पहले
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पासिद कैंप में पानी की कमी के चलते दो कुमकी हाथियों को इन्फेक्शन हो गया। कैंप में कर्नाटक से लाए गए कुमकी हाथियों को रखा गया है, जिसमें से गंगा और दुर्योधन को इन्फेक्शन हुआ है। इन्फेक्शन का कारण गंदा पानी बताया जा रहा है।

दरअसल, पानी की भरपूर मात्रा को देखते हुए जिस पासिद कैंप के पास कुमकी हाथियों के लिए कैंप बनाया गया था, वहां अब पानी की समस्या होने लगी है। जलाशय में काफी कम पानी बचा हुआ है। गर्मी के चलते कर्नाटक से लाए गए पांचों कुमकी हाथी इसी पानी में रोज नहाते हैं। नहाने के दौरान ही हाथियों ने इसमें मल और मूत्र भी त्याग दिया, जिसके कारण पानी अब काफी गंदा हो चुका है। और इसी गंदे पानी की वजह से गंगा और दुर्योधन काे इन्फेक्शन हो गया। इसके बाद से चिकित्सकों की टीम दोनों हाथियों की लगातार निगरानी कर रही है। डीएफओ आलोक तिवारी ने कहा कि गंगा और दुर्योधन को इन्फेक्शन हुआ था, लेकिन अब उनके स्वास्थ्य में सुधार है। कैंप में पानी की समस्या दूर करने सप्लाई कराई जा रही है।

बड़गांव से महानदी पार कर आरंग के गुदगुदा गांव पहुंचा 4 हाथियों का दल

महानदी पार कर एक बार फिर आरंग पहुंचे 4 हाथी

बार क्षेत्र के हाथी एक बार फिर से जंगल से निकलकर आबादी क्षेत्र की ओर पहुंच गए हैं। बार दल के हाथी दो गुटों में बंट गए हैं। 4 हाथियों का एक दल सुबह अछोला, बड़गांव होते हुए महानदी के किनारे पहुंचा। यहां हाथी काफी देर तक पानी में रहे। इसके बाद महानदी पार कर आरंग ब्लॉक के गुदगुदा गांव पहुंचे। वहीं 10 हाथियों का दूसरा दल बंदौरा और इसके आसपास के गांव में है और फसलों को नुकसान पहुंचा रहा है। वहीं वन विभाग की टीम इन दोनों दलों पर नजर रखे हुए है।

हाथियों के लिए की गई है अलग व्यवस्था

पानी की समस्या को देखते हुए पासिद कैंप में अलग से पानी की व्यवस्था की गई है। वन विभाग की ओर से टैंकरों के जरिए कैंप में पानी की सप्लाई की जा रही है। हाथियों को पीने के लिए यही साफ पानी दिया जाएगा। साथ ही महावतों और अन्य कर्मचारियों को सख्त निर्देश दिए गए हैं कि हाथियों को किसी भी हाल में जलाशय की ओर जाने नहीं दिया जाए।

ऑपरेशन में अभी और लगेगा समय

इधर जंगली हाथियों को भगाने और रेडियो कॉलर लगाए जाने के लिए शुरू किए जाने वाले ऑपरेशन गजराज में अभी और समय लगेगा। क्योंकि हाथियों के साथ महावतों के प्रशिक्षण में इन्फेक्शन और तेज गर्मी जैसे कई बाधाएं सामने आ रही है। वन विभाग की मानें तो तेज गर्मी के कारण हाथियों को डिहाइड्रेशन भी हुआ था। यही कारण है कि प्रशिक्षण में काफी सावधानी बरती जा रही है।

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