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नर्सें हड़ताल पर, ओडिशा से पहुंची गर्भवती को किया रायपुर रेफर

3 वर्ष पहले
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छत्तीसगढ़ परिचारिका कर्मचारी कल्याण संघ के बैनर तले तीन सूत्रीय मांग को लेकर जिले की नर्स शुक्रवार से अनिश्चितकालीन हड़ताल पर चली गई। नर्सों के हड़ताल में जाने से जिला अस्पताल सहित सरकारी अस्पतालों में स्वास्थ्य सुविधाओं का बुरा हाल रहा। हालांकि जिला अस्पताल प्रशासन का दावा है कि हड़ताल के चलते स्वास्थ्य सुविधाओं पर कोई प्रभाव नहीं पड़ा है।

जिला अस्पताल में कुल 31 रेगुलर नर्सेस अपनी सेवाएं देती हैं, लेकिन उनके हड़ताल पर चले जाने के कारण व्यवस्था बनाने के लिए जिलेभर के सामुदायिक स्वास्थ्य, उप स्वास्थ्य केंद्र से 16 संविदा नर्सों को बुलाया गया है। इसके अलावा 5 एएनएम को भी जिला अस्पताल में तैनात किया गया है।

इधर, नर्सों की गैरमौजूदगी से स्वास्थ्य व्यवस्था दिनभर प्रभावित रही। जिला अस्पताल में हड़ताल के चलते एक भी आॅपरेशन नहीं हो पाया। वहीं नर्सिंग कॉलेज के स्टूडेंट्स के सहारे मरीजों की देखभाल की गई। मरीजों को दवाई देने के लिए भी डाक्टरों को आगे आना पड़ा। वहीं इमरजेंसी से लेकर वार्डों में स्थिति भी नर्सों के नहीं होने के कारण खराब रही। हालांकि, सिविल सर्जन डॉ आरके परदल का कहना है कि नर्सों के हड़ताल पर जाने के पहले ही हमने व्यवस्था दुरुस्त कर ली, जिसके चलते कोई खास परेशानी नहीं हुई।

दो स्टूडेंट्स के हवाले एक वार्ड : स्टाफ नर्सों के अवकाश पर होने के कारण वार्डों में मरीजों को खासी दिक्कत हुई। जिस वार्ड में चार स्टाफ नर्स की ड्यूटी रहती थी, वहां मात्र एक या दो स्टूडेंट्स नर्स एवं एक संविदा नर्स की ड्यूटी लगी थी। चूंकि पहले से भर्ती मरीज के बारे में नर्स नहीं जानते थे, इसलिए वे मरीजों को बेहतर उपचार सुविधा नहीं दे पाए।

महासमुंद| लेबर पेन के मरीज को रायपुर रेफर करते हुए।

नर्स हड़ताल पर हैं, इसलिए ऑपरेशन नहीं होगा

ओडिशा के लुकुपाली निवासी महिला लेबर पेन से पहुंची को इलाज के अभाव में दोपहर 12 बजे रायपुर रेफर कर दिया गया। मरीज के परिजनों ने बताया कि नर्स हड़ताल पर हैं, इसलिए ऑपरेशन नहीं होगा, इसलिए डॉक्टरों ने रायपुर ले जाने कहा है।

मरीज भी होते रहे परेशान

नाम न छापने के शर्त पर वार्ड के मरीजों ने बताया कि नर्स के हड़ताल में जाने से समुचित सुविधा नहीं मिल पा रही है। 3 अलग अलग मरीजों का आॅपरेशन होना था, लेकिन नहीं हो पाया। प्रशिक्षु नर्सों द्वारा दवाई गोली दी जा रही है। नर्स प्रशिक्षित नहीं होने से इंजेक्शन, बाटल चढ़ाने में भारी परेशानी हो रही है।

केस: 1

केस: 2

मांगें पूरी हाेने तक आंदोलन जारी रहेगा

प्रांताध्यक्ष देबाश्रीसाव, उप प्रातांध्यक्ष तुलावती सुषमा श्रीवास ने कहा कि स्वास्थ्य परिचारिकाएं विगत 17 अप्रैल से क्रमबद्ध आंदोलन कर रही हैं। प्रथम चरण में सांकेतिक प्रदर्शन किया गया। एक मई को मुख्यमंत्री के फोटो की आरती की गई। साथ ही काली पट्टी लगाकर काम किया गया। बावजूद मांगों लेकर प्रशासन के बर्ताव में नरमी नहीं आने पर संघ ने अब बेमियादी हड़ताल पर जाने का ऐलान किया। जिलाध्यक्ष मीना तारन ने बताया कि संघ की मांग जब तक पूरा नहीं होगी, आंदोलन जारी रहेगा।

ये कारण हैं हड़ताल के....

नर्सिंग कर्मचारियों को नर्सिंग एलाउंस, रखरखाव भत्ता।

डिग्री डिप्लोमाधारी नर्सों को अग्रिम वेतन वृद्धि का लाभ।

मैदानी कर्मचारियों को प्रतिमाह कार्यक्षेत्र के अनुपात में यात्रा भत्ता।

चार घंटे लाइट बंद, गर्मी से परेशान रहे मरीज

जिला अस्पताल में सुबह 10 से दोपहर 2 बजे तक बिजली बंद रही। जिसके चलते मरीजों को परेशानियों का सामना करना पड़ा। एक्स-रे, सोनोग्राफी कराने आए मरीजों को बिजली के अभाव में इंतजार करना पड़ा। वहीं वार्ड के लाइट, कूलर बंद रही, जिसके चलते मरीजों को काफी परेशानी हुई।

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