घोडारी में फर्शी खनन के लिए अनुमति घास भूमि बिना मवेशी पालन पर संकट
महासमुंद| घोड़ारी के ग्रामीणों ने नदी से 100 मीटर के दायरे तथा स्वीकृत खदान से अतिरिक्त घास भूमि पर खदान का अवैध संचालन के संबंध में कलेक्टर को ज्ञापन सौंपकर कार्रवाई की मांग की है।
ग्रामीण मंगलदास, प्रकाश चंद्र जांगड़े, सुधीर कुमार बंजारे का कहना है कि अमित वासनिक, शिव रात्र, सुशील जांगड़े, सुभद्रा देवी व मंगलदास परमार को पत्थर खदान का आबंटन हुआ है, जिसमें 2 एवं 3 यूनिट किराए से भी चलाया जा रहा है, उसमें खदान का रकबा 8 से 47 डिसमिल का आबंटन हुआ है। खदान से प्रति दिन 8 इंच फर्शी पत्थर निकाला जाता है। यही नहीं गांव में खदान चलाने वाले लोग मनमानी पूर्वक अपनी मर्जी से खदान का मलबा डाल देते हैं, जिसके कारण जानवरों का चारागाह भी नहीं बच पाया है। घोड़ारी के 90 एकड़ समतल चारागाह के अलावा नदी के किनारे 100 एकड़ से अधिक शासकीय भूमि जो चारागाह के काम आते थे, वहां 5 से 10 फीट तक मलबा डाल दिया है, जिसके चलते चारागाह खत्म हो गया। ग्रामीणों का कहना है कि गांव में बड़ी संख्या में मवेशी है, ऐसे में यदि चारागाह के लिए जगह ही नहीं रहेगी।