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10 दिन गांव बंद: कोई भी वस्तु शहर में नहीं जाएगी बिकने

3 वर्ष पहले
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किसानों की संपूर्ण कर्ज माफी, सुनिश्चित आय को लेकर एक बार फिर से किसान आंदोलन करने वाले हैं। इस बार आंदोलन शहर में नहीं बल्कि गांवों में होगा, वो भी 10 दिनों का। मतलब 1 से 10 जून तक गांव बंद रहेगा। राष्ट्रीय किसान महासंघ के बैनर तले 1 जून से देशव्यापी आंदोलन की तैयारी इन दिनों की जा रही है। इस संबंध में गांव-गांव में किसानों की बैठक ली जा रही है और पैम्फलेट्स बांटे जा रहे हैं।

किसान नेता जागेश्वर चंद्राकर ने बताया कि यह राष्ट्रीय आंदोलन है, जो देशभर में एक साथ की जाएगी।

नेताओं का प्रवेश वर्जित

गांव-गांव में बांटे जा रहे पैम्फलेट्स के आधार पर आंदोलन के दौरान गांव में नेताओं का प्रवेश वर्जित रहेगा। साथ ही 6 जून को पिछले साल मंदसौर में शहीद हुए किसानों की आत्मा की शांति के लिए श्रद्धांजलि सभा की जाएगी।

10 दिन तक फल, सब्जियां, अनाज, दूध से वंचित करेंगे

किसान महासंघ ने जो आंदोलन की रणनीति बनाई है, उसके अनुसार आंदोलन के दौरान 10 दिन तक फल, सब्जियां, अनाज, दूध आदि से शहरी आबादी को वंचित किया जाएगा। इस दौरान गांव में ही एक दूसरे को मदद करना शहर में न ही कुछ बेचना है और न ही वहां से कुछ खरीदना है। फल, सब्जियां, दूध सड़क पर फेंकना नहीं है, बल्कि इसे गरीब बस्तियों में बांटना है।

एक अाैर अांदाेलन की तैयारी, अब शहर नहीं, बंद हाेंगे गांव

इसके लिए महासमुंद में तैयारियां की जा रही है। यहां भी किसानों का बेहतर प्रतिसाद भी मिल रहा है। 10 दिन गांव बंद का मतलब गांव की कोई भी वस्तु शहर में नहीं बेची जाएगी और न ही कोई किसान शहर खरीदी के लिए जाएगा। उन्होंने बताया कि आवश्यक वस्तुओं को ध्यान में रखते हुए गांव में कुछ केंद्र बनाए जाएंगे, जहां से लाेग उत्पादन लागत+50% के मिनिमम सपोर्ट प्राइज के आधार पर फल, सब्जियां और दूध खरीद सकते हैं।

संपूर्ण कर्ज माफी दो

आंदोलन संपूर्ण कर्ज माफी, किसानों की सुनिश्चित आय, उत्पादन लागत+50% के मिनिमम सपोर्ट प्राइज, सब्जी व दूध का मूल्य भी उत्पादन लागत+50% के मिनिमम सपोर्ट प्राइज पर निर्धारित हो।

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