महासमुंद | नवतपा के बाद मानसून दस्तक देने लगता है। जिले में 1 जून के आसपास बारिश होने के संकेत हैं लेकिन इस बार बाढ़ आपदा प्रबंधन की बैठक अब तक नहीं हो पाई है। यह बैठक हर साल 15 मई तक हो जाती है। इसमें बाढ़ आपदा से निपटने सहित बाढ़ के दौरान सुरक्षा की अग्रिम योजना तैयार की जाती थी। लगातार बारिश के दौरान शहर के निचली बस्ती सहित महानदी, जोंक नदी के 47 गांव बाढ़ के दायरे में आ जाते है। कई गांवों के रास्ते बंद होने से स्वास्थ्य सेवाएं बंद रहती हैं।
शहर के बड़ी नालियों की नहीं हुई सफाई : शहर के अधिकांश बड़ी नालियों की सफाई नहीं हो रही है। इनसे ही बाढ़ जैसी स्थिति कई वार्डों में बनती है। शहर के नयापारा, सुभाष नगर, कुम्हार पारा में नालियों का पानी बारिश के दिनों में घरों में घुसता है इसके लिए पालिका प्रशासन अब तक कोई योजना नहीं बनाई है।
नगर सहित इन गांवों में रहता है बाढ़ का खतरा : महासमुंद के मुडि़याडीह, पासिद, कर्राडीह, खमतराई, सिरपुर, बड़गांव, बरबसपुर, घोड़ारी, मुढ़ेना, झारा, मुडियाडीह, नायकबांधा, पलसापानी पिथौरा के बिराजपाली, डोंगाझर, कोल्दा, चरौदा, लिलेसर, बोईरलामी, उदरलामी, अनसुला, कुमरमाडीह, बल्दीडीह, भूरकोनी मचकाना सराईपाली के चंडीमैना, अमरकोट नाला के समीप बानीपाली, केन्दूमुडी बालसी नाला के पास भीखापाली, लाखनपाली सेमलिया नाला के पास मुडपार, सुरंगीनाला के पास अंतरला, जटाकन्हार, पलसापानी, छिर्रालेवा, कोलिहादेवरी, अंतरझला लाटनाला के समीप पलसापानी बसना ब्लॉक के सुरंगीनाला के पास बिटांगीपाली, पिपलखुंटा, सुंरगीपाली, दूधीपाली, कुरचुंडी नाला के पास हाड़ापथरा, कपसाखुंटा, कुम्हारी नाला के पास कपसाखुंटा, कुम्हारी, खुसरूपाली, कर्राभाठा, बेंदारी गांव है।
महासमुंद. नगर के बड़ी नालियों की अब तक नहीं हुई सफाई।
जल्द की जाएगी बैठक
डिप्टी कलेक्टर एसके टंडन का कहना है कि बाढ़ आपदा से निपटने के लिए कार्ययोजना की तैयारी चल रही है। मंगलवार को बैठक का आयोजन किया जाएगा।