स्वच्छ भारत मिशन का जिला मुख्यालय में बदहाल है। बदहाली का आलम यह है कि नपा क्षेत्र के कई वार्डों की नालियों की सफाई नहीं हाेने से कीचड़ से बजबजा रही हैं, तो कहीं नालियों से बहकर कीचड़ रास्तों पर आने से राहगीरों को परेशानी हो रही है। वार्डवासियों का कहना है कि साफ-सफाई नियमित तौर से नहीं होती। इससे नालियों में मच्छरों का डेरा है। एेसे में गर्मी में मच्छरों व गंदगी से फैलने वाली बीमारियों की चपेट में आने की आशंका है।
सुभाष नगर वार्ड में भी नियमित सफाई नहीं : सुभाष नगर के रामेश्वर साहू, रमेश निर्मलकर, राधेलाल कन्नौजे ने बताया कि बड़ी नहर नाली है जिसमें गालियों का पानी एवं कचरा जमा हो गया है। जाम होने मच्छर पनप रहे है। सफाई में भले ही देरी हो लेकिन डीडीटी पावडर का नियमित छिड़काव होना चाहिए। जिससे मच्छर न पनप सके।
सभी वार्ड में हो रहा सफाई का काम : नपा अध्यक्ष पवन पटेल ने बताया कि सभी वार्डो में सफाई कार्य चल रहा है। कर्मचारी कम होने के कारण थोड़ी परेशानी है, लेकिन बारिश शुरू होने से पहले नाली और नाला साफ कर डीडीटी पाउडर का छिड़काव कर दिया जाएगा।
महासमुंद|सुभाष नगर के नहर में जमा नाली का पानी एवं कचरा।
सफाई केवल मुख्य मार्ग तक सीमित
खास बात यह है कि बरसात का सीजन भी आने वाला है पर जिम्मेदार इस ओर ध्यान नहीं दे रहे हैं। साफ-सफाई अब सिर्फ मुख्य मार्ग तक ही सीमित रह गई है। स्थानीय नागरिकों का कहना है कि साल में एक या दो बार ही नालियों की सफाई होती है। इससे नालियां जाम रहती हैं। सबसे अधिक परेशानी बारिश के दिनों में होती है, क्योंकि बारिश का पानी नाली के गंदे पानी के साथ मिलकर सड़क में बहने लगता है। इससे दुर्गंध के अलावा मच्छर भी बढ़ जाते हैं। अालम यह है कि यहां न तो सफाई और न ही यहां नालियों में नियमित रूप से डीडीटी पावडर का छिड़काव किया जाता है। अब डेढ़ माह बाद बारिश का मौसम आ रहा है। ऐसे में यदि जिम्मेदार इस ओर गौर नहीं करते तो परेशानी होनी तय है।