मालीडीह में दो लाख चोरी की कहानी उलझी, अब तक कोई सुराग नहीं मिला
मालीडीह में दो लाख रुपए के जेवरातों की चोरी के मामले में पुलिस उलझ गई है। अब तक पुलिस को चोरों के बारे में कोई सुराग हाथ नहीं लगा है। परिवारवालों के साथ ही पड़ोसियों के बयान में कोई खास जानकारी नहीं मिल पाई है।
यहां यह बताना लाजिमी होगा कि ग्राम मालीडीह के चंद्राकर परिवार के घर में रविवार की रात चोरों ने धावा बोल दिया था। इस दौरान घर के सदस्य सो रहे थे। यहां एक कमरे में हितेश चंद्राकर का सामान था। जिसमें जेवरातों से भरी संदूक को चोरों ने उठाया और दूर जाकर जेवरात लेकर भाग निकले। सुबह जब घर के सदस्य नींद से जागे तो देखा कि पीछे का दरवाजा खुला था और कमरा भी खुला मिला। कमरे से पेटी गायब मिली। तब उन्हें चोरी का अहसास हुआ। कुछ देर बाद घर के पीछे बाड़ी में संदूक पड़ी मिली। बाद इसके तत्काल इसकी सूचना पुलिस को दी गई। पुलिस ने अज्ञात चोरों के खिलाफ धारा 457, 380 के तहत मामला दर्ज कर विवेचना में लिया है।
इधर इस मामले में प्रारंभिक जांच में पुलिस उलझ कर रह गई है। जिस कमरे से जेवरात से भरी संदूक की चोरी होना बताया जा रहा है वहां न तो ताला टूटा मिला आैर न ही दरवाजे में खरोंच के कोई निशान मिले। वहीं संदूक के ताले भी टूटे नहीं थे। नतीजतन पुलिस को यह लग रहा है कि तालों को चाबी से ही खोला गया है। क्योंकि जिससे ताला तोड़ने की बात कही जा रही है उससे कमरे के दरवाजा व संदूक पर कुछ न कुछ निशान रहता जरूर। इधर इस मामले में अब तक चोरों का कोई पता नहीं चल सका है। पुलिस का कहना है कि इस मामले में बारीकी के साथ सभी पहलूओं पर जांच की जा रही है।
पुलिस कर रही दावा: जल्द सुलझेगा मामला
चोरी के इस मामले को जल्द सुलझाने का दावा पुलिस ने किया है। हालांकि अभी तक कोई सुराग पुलिस के हाथ नहीं लगे हैं। थाना प्रभारी एमएल शुक्ला ने बताया कि चोरी के संबंध में परिजनों के साथ ही पड़ोसियों के बयान लिए गए हैं। पड़ोसियों के बयान में कोई खास जानकारी नहीं मिली है। वहीं परिजनों के बयान में फिर से विरोधाभास सामने आया है। उन्होंने बताया कि जल्द ही इस मामले का पटाक्षेप हो जाएगा। इधर इस मामले में प्रारंभिक जांच में पुलिस उलझ कर रह गई है। जिस कमरे से जेवरात से भरी संदूक की चोरी होना बताया जा रहा है वहां न तो ताला टूटा मिला आैर न ही दरवाजे में खरोंच के कोई निशान मिले।