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बस्तर का कड़कनाथ पहुंचा महासमुंद, कृषि विज्ञान केंद्र में ब्रीडिंग की तैयारी
बस्तर के बाद अब महासमुंद में भी विलुप्त हो रही कड़कनाथ मुर्गे की ब्रीडिंग होगी। इसके लिए कृषि विज्ञान केंद्र में फार्म हाउस तैयार किया जा रहा है। पहले चरण में कांकेर के कृषि विज्ञान केंद्र से एक हजार चूजे मंगाए जाएंगे। इसके बाद यहां हेचरी मशीन से अंडे से चूजे तैयार किए जाएंगे। जिला खनिज न्यास निधि द्वारा छह लाख 19 हजार रुपए की लागत से भलेसर स्थित कृषि विज्ञान केंद्र में कड़कनाथ कुक्कुट पालन सह हेचरी ईकाई का निर्माण किया जा रहा है। इसके माध्यम से कृषि विज्ञान केंद्र किसानों की आर्थिक दशा सुधारने की दिशा में पहल करेगा। कृषि विज्ञान केंद्र के वरिष्ठ वैज्ञानिक व केंद्र प्रमुख एसके वर्मा ने बताया कि आरईएस विभाग द्वारा कड़कनाथ कुक्कुट पालन सह हेचरी का निर्माण किया जा रहा है। फाॅर्म तैयार होने के बाद ब्रीडिंग का काम शुरू किया जाएगा। इसके लिए एक हजार चूजे का आर्डर कृषि विज्ञान केंद्र कांकेर को दिया गया है। अंडों के आने के बाद हेचरी मशीन के माध्यम से अंडों से चूजे तैयार किए जाएंगे। उन्होंने बताया कि आधुनिक हेचरी मशीन से एक बार में तीन हजार अंडों से एक साथ चूजे निकल सकेंगे।
भास्कर ब्रेकिंग
किसानों के लिए फायदेमंद
कृषि विज्ञान केंद्र के एसएम अली हुमायूं ने बताया कि कड़कनाथ कुक्कुट पालन को जिले में बढ़ावा देने व किसानों के आर्थिक स्तर को ऊंचा उठाने के लिए यह प्रयोग किया जा रहा है। किसान भी कड़कनाथ का पालन कर अतिरिक्त आय अर्जित कर सकते हैं। कड़कनाथ के गुणों के कारण इसकी काफी डिमांड रहती है। देशी व ब्रायलर से महंगा होने के बाद भी कड़कनाथ की खरीददारी की जाती है।
भलेसर के कृषि विज्ञान केंद्र में कुक्कुट पालन सह हेचरी बनाई जा रही ।
कड़कनाथ से बीमारियां होती हैं दूर
जानकारों का मानना है कि कड़कनाथ के सेवन से कई तरह की बीमारियों से मुक्ति मिलती है। इसके इसी गुण के कारण इसे औषधि पक्षी भी कहा जाता है। इसमें प्रोटीन ज्यादा व फैट कम होने से डायबिटीज व हार्ट पेंशेंट के लिए भी काफी लाभदायक होता है। इसके अलावा कड़कनाथ को सेक्स वर्धक भी माना जाता है। जिसकी वजह से इसकी काफी डिमांड रहती है।
खून के साथ हर अंग होता है काला
कड़कनाथ का हर अंग काला होता है। इसलिए इसे स्थानीय भाषा में कालीमासी भी कहते हैं। इसका मांस, चोंच, टांगे, चमड़ी व अंडे के साथ ही इसका खून भी काला होता है।