हैंडपंपों और पेयजल के जल स्रोतों पर लगातार निगाह रखने दिए गए निर्देश
महासमुंद| जिला कार्यालय के सभाकक्ष में लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग एवं जल संसाधन विभाग के अधिकारियों की बैठक कलेक्टर हिमशिखर गुप्ता ने शुक्रवार को विभागीय कामकाज की समीक्षा की। बैठक में उन्होंने जिले में अल्प वर्षा की स्थिति को देखते हुए हैंडपंपों और पेयजल योजनाओं के जल स्रोतों पर लगातार निगाह रखने के निर्देश दिए।
गर्मी के दिनों में पेयजल की सुचारू व्यवस्था के लिए उन्होंने अधिकारियों को वैकल्पिक कार्ययोजना तैयार करने कहा। उन्होंने जिन गांवों में हैंडपंप खराब है या पानी की कमी है उन गांवों में जाकर तत्काल पेयजल स्त्रोत को सुधरवाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जिन पेयजल स्त्रोत सूख गए है वहां राइजिंग पाइप बढ़ाने तथा आवश्यकता वाले गांवों का चिह्नांकन कर नए बोर खनन कराने के निर्देश दिए।
महासमुंद|बैठक के दौरान उपस्थित कलेक्टर एवं अधिकारी गण।
जिले में 11 हजार 645 हैंडपंप स्थापित
लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के अधिकारी ने बताया कि जिले में कुल 11 हजार 645 हैंडपंप स्थापित है, जिसमें से 11 हजार 204 हैंडपंप चालू स्थिति में है तथा 100 हैंडपंपों का सुधार कार्य कराया जा रहा है। उन्होंने जिले के पांचों विकासखंड में 204 नलजल प्रदाय योजना स्वीकृत है, जिनमें से 193 नलजल प्रदाय योजना का कार्य पूर्ण किया जा चुका है तथा 7 कार्य प्रगतिरत है। उन्होंने बताया जिले के 11 बसाहटों पर फ्लोराइड निवारण सयंत्र लगाया गया है। इसमें परसदा ख, खल्लारी में स्थानों पर, तमोरी, तमोरा, साल्हेभाठा स्कूल पारा, रोड़ा, बिराजपाली, धरमपुर एवं हरनादादर शामिल है। अधिकारी ने बताया नागरिकों को शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराने के उद्देश्य से सोलर आधारित समूह जल प्रदाय योजना 154 गांवों में स्वीकृत है, जिनमें से 144 गांवों में सोलर पंप स्थापना का कार्य पूरा कर लिया गया है।