- Hindi News
- National
- छुट्टियों में 75 दिनों तक 500 बच्चों को दी जाएगी पीईटी व पीएमटी की कोचिंग
छुट्टियों में 75 दिनों तक 500 बच्चों को दी जाएगी पीईटी व पीएमटी की कोचिंग
गर्मी की छुट्टी में जिला प्रशासन की ओर से 11वीं कक्षा में मेरिट में स्थान बनाने वाले बच्चों के लिए गुरुकुल लगाया जाएगा। पूरी तरह से रहवास वाले इस गुरुकुल के जरिए बच्चों को पीईटी, पीएमटी, नीट, जेईई जैसी परीक्षाओं की तैयारियां कराई जाएगी।
75 दिनों तक चलने वाले इस गुरुकुल की शुरूआत 7 मई से होगी, जिसमें केवल सरकारी स्कूल के बच्चों को प्रवेश दिया जाएगा। गुरुकुल में पढ़ाने के लिए मेडिकल, इंजीनियरिंग के 7 एक्सपर्ट को बुलाया गया है, जो बच्चों को सब्जेक्ट के बारे में पढ़ाएंगे। साथ ही जिले के कलेक्टर, एसपी और जिला पंचायत सीईओ भी बीच-बीच में बच्चों की क्लास लेंगे। 75 दिन के इस विशेष गुरुकुल में 500 बच्चों को आवासीय विद्यालय में रखकर पढ़ाया जाएगा।
7 एक्सपर्ट के साथ कलेक्टर, एसपी और जिपं सीईओ भी लेंगे क्लास
70% से ज्यादा अंक पर जाति-आरक्षण का बंधन नहीं
कोचिंग में ऐसे किया जाता है चयन
कोचिंग में चयन का एक ही आधार है, 11वीं में 70 फीसदी या उससे ज्यादा अंक न जाति का बंधन है, न आरक्षण का मसला। संकुल स्तर पर नियुक्त नोडल अधिकारी ऐसे बच्चों के नाम, पते जिला प्रशासन को भेजेंगे। अगर कोई छूट जाता है तो वह सीधे जिला शिक्षा अधिकारी को फोन करके कोचिंग में शामिल हाे सकता है। सलेक्ट होने वाले छात्र छात्राओं के महासमुंद में ठहरने, खाने पीने और पढ़ाई का पूरा इंतजाम जिला प्रशासन करेगा।
गर्मी की छुट्टी के दौरान दो चरणों में ट्रेनिंग
प्रशिक्षण का पहला एवं दूसरा चरण गर्मी की छुट्टी में 35-35 दिनों का होगा। दो घंटे के लंच आवर को छोड़कर रोज सुबह 8 से शाम 5 बजे तक कक्षाएं चलेगी। कोशिश रहेगी कि बारहवीं कक्षा का पूरा कोर्स पढ़ा दिया जाए। फोकस बच्चों को पढ़ाई का तरीका सिखाने पर होता है।
मिलेंगे अच्छे नतीजे
जिला शिक्षा अधिकारी बीएल कुर्रे का कहना है 75 दिनों तक चलने वाले इस गुरुकुल की शुरूआत 7 मई से होगी, जिसमें केवल सरकारी स्कूल के बच्चों को प्रवेश दिया जाएगा। कि जिले के सरकारी स्कूलों के बच्चे में मार्गदर्शन की कमी से पीएमटी, पीईटी और दूसरी प्रतियोगी परीक्षाओं में या तो हिस्सा नहीं ले पाते जिसे देखते हुए जिला प्रशासन की ओर से यह आवासीय गुरुकुल की तैयारी की जा रही है।
आईएएस और आईपीएस देंगे ट्रेनिंग
अब तक विद्यार्थी विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी तो करते आ रहे हैं, लेकिन उन्हें इस बात की जानकारी नहीं रहती कि वह किस तरह से अपने लक्ष्य की प्राप्त करें। साथ ही उन्हें यह भी पता नहीं रहता है कि कॉम्पिटीशन की स्टडी करने का तरीका का क्या हैं? जब इन स्टूडेंट्स को खुद आईएएस और आईपीएस गाइड अपना लक्ष्य पाने में न केवल आसानी होगी, बल्कि किस तरह से पढ़ाई की जाए इसका भी पता चल जाएगा।
80 प्रतिशत बच्चे पीईटी में हुए थे सफल
पिछले तीन साल से गर्मी की छुट्टियों में दी गई महज 75 दिन की ट्रेनिंग में 128 बच्चे बारहवीं की बोर्ड की परीक्षा में 75 फीसदी से ज्यादा अंकों से पास हुए वही नक्सल प्रभावित इलाके सुखीपाली की हिमाद्री को तो 89.54 फीसदी अंक मिले। तीन छात्र छात्राओं ने जेईई मेंस के लिए क्वालिफाई कर लिया। इतना ही नहीं इंजीनियरिंग टेस्ट में सेंटर के 80 फीसदी बच्चे सलेक्ट हो गए।