महात्मा गांधी मार्ग पर दाऊलाल मोतीलाल सर्राफ के निवास पर आयोजित भागवत कथा के दूसरे दिन कथावाचक पं. राजेश तिवारी ने ईश्वर की महिमा का गुणगान किया। उन्होंने कहा ठाकुरजी की लीला पृथ्वी व स्वर्ग से परे है।
ब्रजभूमि पर गुप्त रूप से भगवान की लीला होती रहती है। इसका दर्शन रसिक भक्त आज भी करते हैं। अशांति, चिंता, भय व अभाव जीवन में बने रहते हैं। इसलिए मनुष्य को सदा ईश्वर का स्मरण करते रहना चाहिए। मनुष्य के मन में सदैव यह भाव होना चाहिए हम ठाकुरजी के साथ और ठाकुरजी हमारे साथ हैं। भक्ति का सिद्धांत यही है मनुष्य को सदैव अपने स्वरूप का ध्यान रखना चाहिए। भागवत के वैष्णव खंड का महत्व बताते हुए कहा अपनी आत्मा में रमण करने पर भगवान श्रीकृष्ण आत्माराम है। भगवान की आत्मा राधिका है। दोनों को उनकी बंसी से अटूट प्रेम है। हम हमारे स्वरूप में स्थिर रहे। श्रीकृष्ण के सदैव दास रूप में बने रहे ऐसा निवेदन ठाकुरजी से करना चाहिए। उन्होंने सतोगुण, तमोगुण व रजोगुण की व्याख्या भी की। कथा के दौरान \\\"सखी श्यामा मिले सेवा हमारे श्याम श्यामा की\\\' भजन सुनाकर श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया। रमनलाल सराफ, जगदीश राणा, गोविंद सराफ सहित महिला-पुरुष श्रद्धालु मौजूद थे।
कृष्ण जन्मोत्सव मनाया
भीकनगांव | अधिकमास में भूतेश्वर महादेव मंदिर महिला समिति द्वारा आयोजित भागवत कथा में शनिवार को कृष्ण जन्मोत्सव मनाया गया। कथावाचक पं. शैलेंद्र शास्त्री ने गीता के रोचक हिस्सों के साथ कृष्ण जन्म का प्रसंग सुनाया। माखन-मिश्री की प्रसादी बांटी गई।