शास्त्रों व वेद-पुराणों में भी नारी सम्माननीय है
प्रज्ञा पाराशर ने नारी का महत्व बताया।
नर्मदा तट पर 10 दिनी गंगालहरी कथा आज से गंगा दशहरा पर समापन
महेश्वर | अधिकमास (पुरुषोत्तम मास) के कारण गंगा दशहरा पर्व 24 मई को नर्मदा तट पर धूमधाम से मनाया जाएगा। इसके पहले नर्मदा तट पर बुधवार से गंगालहरी कथा की शुरुआत होगी। पं. जगन्नाथ मिश्र द्वारा रचित गंगालहरी की कथा का वाचन मातंगेश्वर घाट पर पं. प्रदीप शर्मा शाम 7 बजे से करेंगे। नर्मदा मंदिर स्थित मुख्य घाट पर पं. गोविंद चतुर्वेदी कथा का वाचन करेंगे। अहिल्या घाट के समीप तिलबाणेश्वर घाट पर भी कथा होगी। किवदंती है पर्व के पहले मां गंगा नर्मदाजी से मिलने आती है। इस स्थिति में नर्मदा नदी में प्रतिदिन शनै:-शनै: जल स्तर में वृद्धि भी होती है। नर्मदा तट पर प्रतिदिन शाम को होने वाली गंगालहरी की कथा के बाद आरती-पूजन कर चने की दाल से निर्मित भयड़ा प्रसादी का वितरण किया जाएगा। 24 मई गंगा दशहरा पर्व के दौरान नर्मदा तट पर विभिन्न सामाजिक व धार्मिक संस्थाएं लगभग सवा 5 क्विंटल भयड़ा महाप्रसादी का वितरण करेगी।