परीक्षा के दौरान प्रोफेसर के मोबाइल उपयोग पर रोक लगाने की मांग
शासकीय महाविद्यालय में ठंडे पानी की व्यवस्था नहीं होने पर शासकीय महाविद्यालय छात्र संघ ने नाराजगी जताई। मंगलवार को दोपहर 1 बजे सभी काॅलेज विद्यार्थियों ने एकत्रित होकर एक आवेदन प्राचार्य व्हाय.के. मुखिया को सौंपा। आवेदन में बताया पिछले 3 महीने से काॅलेज में ठंडे पानी की व्यवस्था नहीं है। इससे विद्यार्थियों को भीषण गर्मी में ठंडे पानी के लिए इधर से उधर भटकना पड़ रहा है, हालांकि परिसर में ट्यूबवेल लगा है। जहां से कर्मचारी 20 लीटर वाली पानी की केन भरकर रख देते है। जो कुछ ही समय के बाद गर्म हो जाता है। ऐसे में विद्यार्थी गर्म पानी पीने को मजबूर है। खासकर समस्या परीक्षा के समय और अधिक बढ़ जाती है क्योंकि परीक्षा के समय कालेज विद्यार्थियों की संख्या बढ जाती है। जिससे सभी विद्यार्थियों की पीने की पानी की पर्याप्त व्यवस्था नहीं हो पाती है। जिसको लेकर छात्रसंघ ने प्राचार्य को आवेदन देकर समस्या से अवगत कराया। जिस पर प्राचार्य मुखिया ने दो दिन के भीतर समस्या के निराकरण करने का आश्वासन दिया।
इसी के साथ छात्र संघ ने एक आवेदन और दिया। जिसमें बताया कि कुछ शिक्षकों द्वारा परीक्षा के दौरान मोबाइल का उपयोग करते हंै। जो कि पूर्णता वर्जित होने के बाद भी प्रोफेसर परीक्षा हॉल में उपयोग करते रहते है। ऐसे में छात्र संघ ने अध्ययन के दौरान शिक्षक द्वारा मोबाइल उपयोग पर प्रतिबंध लगाने की मांग की। छात्र संघ अध्यक्ष श्रद्धा रावल, उपाध्यक्ष लखन आंजना, सचिव शीतल साहू, सहसचिव अंजली दावरे, रक्षा प्रतिनिधी ईश्वर आंजना, कुलदीपसिंह, आरती उपाध्याय, टिप्सी कालरा, ओम अांजना, अंतिम जोशी, गोपालदास बैरागी, पवन आंजना, विपुल धाड़ीवाल, प्रंजल राठी सहित काॅलेज विद्यार्थी मौजूद थे।
पीने के लिए ठंडा पानी नहीं, प्राचार्य को दिया आवेदन
प्राचार्य मुखिया को आवेदन सौंपते छात्र संघ के सदस्य।