महिदपुर रोड | पद, पैसे एवं सम्मान ने व्यक्ति को अहंकार बना दिया है। वह राजा बन गया है। संसार की सारी बुराइयों का दाता बन गया है। इंसान को अहंकारी की गोद में बैठने से अच्छा है वो परमपिता की भक्ति से भक्त ध्रुव की तरह परमात्मा की गोद में बैठकर माता का नाम रोशन करे। जीवन में इतने विनम्र बनो कि अहंकार भी झुक जाएं । अहंकार पुण्य को जला देता है। अहंकार ने सदैव सर्वनाश किया। भौतिक सुख सुविधाओं के लालच में मानव ने प्रकृति के संतुलन को बिगाड़ा है। हमें समय रहते परिवर्तन करना होगा,वर्ना सर्वनाश हो जाएगा। यह बात कथा वाचक एवं पं.दीपक उपाध्याय ने व्यास गादी से डेलनपुर में चल रही भागवत कथा के चौथे दिन कही। कथा में श्रीकृष्ण जन्मोत्सव भी मनाया। यजमानों ने आरती उतारी तथा प्रसादी का वितरण हुआ।