अक्ती पर किसानों ने माटी महतारी की पूजा कर खेतों में बोनी शुरू की
अक्षय तृतीया पर बुधवार को छोटे बच्चों सहित बड़ों ने गुड्डे-गुड़ियों का विधि-विधान से विवाह रचाया। शुभ मुहूर्त को देखते हुए लोगों ने गांवों में भी कई जगहों पर विवाह कार्यक्रम आयोजित किए। वहीं किसान वर्ग तड़के शुभ मुहूर्त पर अपने धान की कोठी से बीज निकालकर माटी महतारी की पूजा करत बोनी की शुरुआत किए व खुशहाली, उन्नति की कामना की। प्रमुख नदी, तालाबों में लोगों द्वारा भगवान से मनोकामना मांगते अपने-अपने पितरों की मोक्ष के लिए अक्ती पानी देकर व भोज का आयोजन कर अक्ती मिलाया गया।
नगर मुख्यालय मैनपुर सहित हरदीभाठा, भाठीगढ़, भटगांव, नहानबिरी, जिड़ार, जाड़ापदर, मैनपुर कला सहित कई गांवों में चौक चौराहों पर शादी का पंडाल सजाकर अक्ती विवाह रचाया गया, जहां गुड्डे-गुड़ियां की शादी को लेकर बच्चे सुबह से ही तैयारी में लगे रहे। बड़ों की सानिध्य में बच्चों ने गुड्डे-गुड़ियां का मंड़वा, चूलमाटी, तेल हरदी लगाकर पंडाल में बाजे-गाजे की धुन पर थिरकते हुए विवाह उत्सव मनाया। जिसमें गांव के लोगों ने गुड्डे-गुडियों को पीला चावल व उपहार टीकते प्रीतिभोज का लुत्फ उठाया।
अक्ती विवाह रचाजे बच्चे व तालाब मे अक्ती पानी व पूजन करते ग्रामीण।
गांवों में बच्चों ने गुड्डे और गुड़ियों का ब्याह रचाया
राजिम| अक्षय तृतीया को लोगों ने धूमधाम एवं पारंपरिक रूप से मनाया।दे व लगन होने की वजह से गोधूलि बेला के शुभ मुहूर्त में शादियां हुईं। चौक-चौराहों से गुड्डा गुड़ियां तथा मटका खरीदकर घर ले जाकर शाम को विवाह कराया। पड़ोस की महिलाओं ने टिकावन के रूप में दूल्हा-दुल्हन रूपी गुड्डे-गुड़िया पर पीला चावल छिड़ककर रुपए चढ़ाएं। लोग झुंड के झुंड बैंडबाजे व आतिशबाजी कर चूलमाटी के लिए गए। किसान अपने घरों में धान बीज को ठाकुर दिया में दोना में भरकर चढाएं और बैगा द्वारा पूजा पश्चात दोना में भरे गए धान बीज को अपने खेतों में ले जाकर पूजा कर छिड़काव किया और अच्छी फसल की कामना करते आज से खरीफ फसल की तैयारी में किसान जुट गए हैं।