रेवंत डूंगरी इलाके में रेवंतसिंह महाराज की देवली और चबूतरे को विस्फोट से क्षतिग्रस्त करने, गिराने और पत्थर चुराकर ले जाने का मामला शनिवार को मकराना थाने में दर्ज हुआ है। सम्राट पृथ्वीराज चौहान युवा समिति मकराना के अध्यक्ष राजू सिंह ने रिपोर्ट में बताया कि चौहान वंशीय राजपूत समाज के लोग 400 साल से अपने पूर्वज रेवंत सिंह महाराज की पूजा-अर्चना करते आ रहे हैं। उनकी देवली व चबूतरा रेवंत डूंगरी इलाके में बना हुआ था। देवली व चबूतरे के नीचे खान संख्या 16, 16/1, 16/बी तथा 15/ए के खानधारियों ने अवैध रूप से विस्फोट कर चबूतरे को क्षतिग्रस्त कर दिया। जिसके कुछ अवशेष भी मौके पर मौजूद हैं। उसने बताया कि इससे उनकी धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंची है। आरोपी खान में गिरे पत्थर भी चुराकर ले गए हैं। उन्होंने रिपोर्ट में बताया कि देवली और चबूतरे से उनकी आस्था जुड़ी है। शादी-ब्याह में जात देते हैं और जडूला चढ़ाते हैं। उन्होंने चबूतरे के निर्माण के लिए खानों में डंपिंग करवाने की मांग की है। रिपोर्ट में बताया कि वे चबूतरे का फिर से निर्माण करवाना चाहते हैं। जिसके लिए संबंधित खानधारियों को रोक-टोक नहीं करने के लिए पाबंद करने और लाइसेंस निरस्त करवाने की भी मांग की है।