जनता विकास कार्यों के लिए जनप्रतिनिधियों, सरकारी अधिकारियों, स्वायत्तशासी संस्था, ग्राम पंचायत आदि से उम्मीद लगाए रहती है।
सड़क, नाली, पानी, बिजली, शिक्षा, चिकित्सा आदि मूलभूत सुविधाओं के लिए नागरिकों को संबंधित विभागों में चक्कर काटते भी देखा जाता रहा है। परंतु अब जनता में भी बदलाव आने लगा है। चक्कर काटकर परेशान नागरिक सामूहिक श्रमदान से अपने स्तर पर ही विकास कार्य पूरा कर नई सोच व नई सीख देने का प्रयास कर रहे हैं। ऐसा ही मामला लोहारपुरा इलाके का है। वहां पर गांगवा मुख्य मार्ग से राजौरा जाव व खाटू श्याम मंदिर रोड पर नाली निर्माण के लिए नागरिकों ने नगर परिषद मकराना व ग्राम पंचायत जूसरी से गुहार लगाई। लोहारपुरा इलाका मकराना शहर के परिधि क्षेत्र में है। जबकि राजस्व रिकॉर्ड में जूसरी ग्राम पंचायत का हिस्सा है।
मकराना क्षेत्र के लोहारपुरा का मामला, क्षेत्रवासियों ने 4 दिन तक रात्रि के समय में किया श्रमदान
मकराना. नाली निर्माण करते हुए लोहारपुरा के लोग।
युवा दिन में अपना काम करते, रात में बनवाते नाली
नाली निर्माण के लिए 2 वर्ष तक ग्राम पंचायत जूसरी व नगर परिषद के चक्कर काटकर परेशान हुए नागरिकों ने आखिर सामूहिक सहयोग व श्रमदान से नाली निर्माण का मानस बनाया। मोहल्ले के लिए गठित अमन एकता विकास समिति के तत्वावधान में निर्माण शुरू किया गया। मोहल्ले में रहने वाले मिस्त्री रोशन लोहार ने अपनी देखरेख में निर्माण कराया तो मूर्तिकार कन्हैया बोस ने नक्शा तैयार किया। समिति अध्यक्ष व्याख्याता अब्दुल वहीद खिलजी के निर्देशन में 18 मई शुक्रवार रात तक निर्माण पूरा कर लिया। इस कार्य में मोहल्ले के युवा मइनुदीन सांखला, नासिर हुसैन खिलजी, मोहसिम, इमरान, कैलाश चौधरी, रामसुख चौधरी, पिंटू, बनवारी सेन, चांद मोहम्मद, आसिफ आदि ने 4 दिन रोजाना रात में 9 बजे से 1 बजे तक श्रमदान किया। जबकि दिन में वे अपना रूटीन कामकाज निपटाते रहे।