अलवर | मदर मिल्क बैंक के प्रति महिलाओं को जागरूक करने के उद्देश्य से सोमवार को चार ब्लॉक की एएनएम की कार्यशाला बीएससी नर्सिंग कॉलेज के सभागार में आयोजित की गई। कार्यशाला में आरसीएचओ डॉ. ओमप्रकाश मीणा ने कहा कि नवजात बच्चों के लिए मां का दूध जरूरी है। मां का दूध नहीं मिलने की स्थिति में मदर मिल्क बैंक में दान में आए दूध का महत्व बढ़ जाता है। ये दूध बीमार बच्चों की जान बचाने के लिए जरूरी है। महिला अस्पताल के स्त्री रोग विशेषज्ञ डॉ. टेकचंद ने कहा कि मां का दूध बच्चों को पिलाना जरूरी है। नहीं पिलाने पर मां को भी कई बीमारियां हो सकती हैं। इसलिए हर मां को बच्चों को दूध पिलाने के लिए प्रेरित करें, जिससे बच्चों में प्रतिरोधक क्षमता बढ़े और मां भी बीमारियों से बच सके। मदर मिल्क बैंक प्रभारी डॉ. अमनदीप ने एएनएम को मदर मिल्क बैंक की जानकारी दी और कहा कि जिन माताओं को स्तनपान कराने में परेशानी है या फिर जिन बच्चों को मां का दूध नहीं मिल रहा है, उन्हें आंचल मदर मिल्क बैंक दूध उपलब्ध करा उनके जीवन की रक्षा कर रहा है। उन्होंने एएनएम को मदर मिल्क बैंक की पूरी कार्यप्रणाली समझाई व शहर व ग्रामीण क्षेत्र में माताओं तक मदर मिल्क बैंक की जानकारी पहुंचाने का आह्वान किया। कार्यशाला में अलवर शहर, मालाखेड़ा, रामगढ़ एवं किशनगढ़बास की 200 से ज्यादा एएनएम शामिल हुई।
अलवर. एएनएम की कार्यशाला को संबोधित करती डॉ. अमनदीप।