सेवा केन्द्र कर्मियों ने शुरू किया संघर्ष
असला लाइसेंस, पेंशन, किरती विभाग, मैरिज रजिस्ट्रेशन, आधार कार्ड सहित सैकड़ों कार्य करने वाले पंजाब भर के करीब 5 हजार सेवा केन्द्र कर्मियों को पांच माह से लगातार वेतन नहीं मिला, जिसके कारण उनमें भारी रोष पाया जा रहा है व आखिर उन्होंने कार्य बंद करके हड़ताल का रास्ता अपना लिया है।
शुक्रवार को डीसी कार्यालय के समक्ष रोष प्रदर्शन करते सेवा केन्द्र कर्मी जगमोहन सिंह, रिंकल, शैली मलोट, दविंदर सिंह, बब्बू, सुभाष व संजीव कुमार अन्यों ने बताया कि वह बीएलएस कंपनी के अधीन कार्य करते है। उनकी नियुक्ति 22 अगस्त 2016 को हुई थी। नियुक्ति के बाद कभी भी उन्हें सही समय पर वेतन नहीं मिली। कर्मियों ने रोष जाहिर करते कहा कि एक तो पहले ही वेतन बहुत मामूली है, वह भी समय पर न मिले तो वह खाए क्या। उन्होंने बताया कि अब तक वह गिद्दड़बाहा, मलोट, मुक्तसर के रेड क्रॉस भवन व पुरानी दाना मंडी के सेवा केन्द्रों का कार्य बंद कर चुके है। उन्होंने चेतावनी दी है कि अगर उन्हें समय पर वेतन न मिली तो वह पंजाब स्तर पर कार्य का बायकॉट कर देंगे। अगर कार्य बंद हो गया तो लोगों को हो रही परेशानी की जिम्मेदारी सरकार व बीएलएस कंपनी की होगी। इस संबंधी डीसी डॉ. सुमित जारंगल ने बताया कि सेवा केन्द्र निजी कंपनी के हवाले है।
मुक्तसर के डीसी कार्यालय के समक्ष रोष प्रदर्शन करते हुए सेवा केन्द्र के कर्मी।