रविवार को मलोट के जल घर में काला पानी की आ रही सप्लाई के बाद जल घर में कर्मियों ने सोमवार को पूरी तरह से डिग्गी को साफ करने का काम शुरू कर दिया और पंजाब प्रदूषण कंट्रोल बोर्ड के साथ मिलकर सैंपल लेकर पानी का निरीक्षण किया, जो सही पाया गया। उल्लेखनीय है कि हरीके पत्तन से ब्यास व सतलुज दरियाओं में पड़ते विभिन्न उद्योगों के रसायणयुक्त दूषित काला पानी यहां भी पहुंच गया है। मुख्य जलघर के अधिकारियों की लापरवाही से काला पानी जल घर के एक करोड़ गैलन पानी की समर्था वाले तलाब में मिल गया। इस जल घर को रजबाहानुमा दस किलोमीटर लंबी पाइप को पीने लायक पानी के मुख्य स्त्रोत के रूप में सरहंद फीडर से जोड़ा गया है। जिसके बाद कुछ लोगों द्वारा फोटो व वीडियो सोशल मीडिया पर वॉयरल की गई थी और हरकत में आए जल बोर्ड ने सफाई अभियान शुरू कर दिया। जब इस मामले में जल सप्लाई सीवरेज बोर्ड के एसडीओ राकेश मोहन मक्कड़ से बात की तो उन्होंने कहा कि किसी ने जानबुझकर फोटो व वीडियो वॉयरल करते हुए बात को बढ़ा चढ़ाकर शहर में खौफ पैदा किया है। जबकि 19 मई से आदेशों के हिसाब से जल सप्लाई लोगों को नहीं दी जा रही है और पाइप में खड़ा कुछ गंदा पानी जो डिग्गी में गिरा था उसकी सफाई का काम शुरू कर दिया है और इसके सेंपल भी सही पाए गए हैं। अन्य टेस्ट लैब में करवाए जा रहे हैं और अगले आदेशों के बाद शहर वासियों को पानी की सप्लाई दी जाएगी। वहीं दूसरी तरफ पंजाब प्रदूषण कंट्रोल बोर्ड के एसडीओ दलजीत सिंह के कहा कि लिए गए पानी सैंपलों में आज डीजोलविंग ऑक्सीजन की रेंज 8.5-8.6 पाई गई है जोकि नॉर्मल रेंज है। (जसपाल मान)
कहा-पाइप में खड़ा कुछ गंदा पानी डिग्गी में गिरा था जिसे साफ करवा दिया
जल सप्लाई व सीवरेज बोर्ड के कर्मी सफाई व पानी का निरीक्षण करते हुए।