लोगों के स्वास्थ्य सुविधाओं के लिए मलोट में चल रही अरबन प्राइमरी हेल्थ सेंटर (पीएचसी) की नई बिल्डिंग को खुलने से पहले ताला लगा पड़ा है।
हेल्थ डिपार्टमेंट के सूत्रों के अनुसार पंजाब हेल्थ सिस्टम कॉर्पोरेशन ने स्थानीय फायर ब्रिगेड कार्यालय के साथ जगह लेकर करीब 2800 स्क्वेयर फीट में अरबन पीएचसी तैयार की है, जिसमें एक छोटा ऑप्रेशन थियेटर, लैब, डॉक्टर रूम, वेटिंग एरिया आदि उपलब्ध है। करीब एक माह पहले तैयार हुई इस बिल्डिंग में छोटी-मोटी कमियां दूर करने के बाद अब भी स्वास्थ्य विभाग किराए की जगह से नई बिल्डिंग में शिफ्ट होने से कतरा रहा है। दिलचस्प बात यह रही कि इस मामले में हेल्थ कॉर्पोरेशन व हेल्थ डिपार्टमेंट के अधिकारियों के सुर अलग-अलग हैं और एक दूसरे में कमियां निकाल रहे हैं। हेल्थ सूत्रों ने यहां तक दावा कि बिल्डिंग को हैंडओवर करने के लिए हेल्थ कॉर्पोरेशन के अधिकारी कई बार एसएमओ मलोट के चक्कर काट चुके हैं, परंतु फिर भी मामला वहीं का वहीं अटका हुआ है। एक्सईएन सुखचैन सिंह ने बताया कि शहर के सेंटर में फायर ब्रिगेड कार्यालय के साथ ली करोड़ों की जगह पर करीब 40 लाख रुपए लगाकर अरबन पीएचसी के लिए बिल्डिंग बनाई गई है, परंतु अब बिल्डिंग तैयार होने के बाद अगर इसका उपयोग न किया गया तो बिल्डिंग पर लगा लाखों रुपया बर्बाद हो जाएगा। (जसपाल)
लापरवाही
अधिकारियों की अनदेखी के चलते लाखों रुपए से बनी अर्बन पीएचसी पर लगा है ताला, एक दूसरे पर डाल रहे जिम्मेदारी
फायर ब्रिगेड कार्यालय के पास बनी पीएचसी की नई बिल्डिंग।
सीएस ने हेल्थ कॉर्पोरेशन पर आरोप लगाया
सिविल सर्जन मुक्तसर डॉ. सुखपाल सिंह से बात की तो वे पूरे मामले से अनजान दिखाई दिए और हेल्थ कॉर्पोरेशन पर आरोप लगाते हुए कहा कि उनकी ओर से उपयोग सटिर्फिकेट व अन्य फार्मेलिटी कंपलीट नहीं की जा रही।
कॉर्पोरेशन ने आरोपों
को बताया गलत
पंजाब हेल्थ सिस्टम कॉर्पोरेशन के इंजीनियर विंग के एसडीओ दिनेश कुमार ने कहा कि वे गत सप्ताह एसएमओ मलोट को मिले थे और सभी कागजात उन्हें हैंडओवर कर आए हैं और आज दोबारा भी उन्हें मिले हैं। एसएमओ ने एक कमेटी बनाकर साइट विजिट करनी है, जिसके बाद वे बिल्डिंग में शिफ्ट कर जाएंगे। उधर इंजीनियर विंग के एक्सईएन सुखचैन सिंह ने सिविल सर्जन डॉ. सुखपाल सिंह के आरोपों को नकारते हुए कहा कि एसडीओ, एसएमओ कार्यालय के कई बार चक्कर काट चुके हैं। हम खुद चाहते हैं अरबन पीएचसी नई बिल्डिंग में शिफ्ट हो।