5 माह में 4 मर्डर, पुलिस के हाथ खाली
मंगलवार की दोपहर को हुए पूर्व कांग्रेसी सरपंच का कत्ल अभी पुलिस के लिए पहेली बना हुआ है। मंगलवार को दिनदहाड़े कोठे चीदिया के पूर्व कांग्रेसी सरपंच का मल्लन से काऊनी की ओर जाती लिंक रोड पर गोलियां मारकर कत्ल कर दिया गया था। छिंदा सिंह के मर्डर के बाद उसके परिवार वाले, गांववासी व क्षेत्र के लोग इसलिए हैरान परेशान थे कि उसकी न तो किसी से दुश्मनी थी और न ही कोई सियासी रंजिश। पुलिस द्वारा कॉल डिटेल आदि भी खंगाली जा रही हैं, परंतु परिवार वाले इस मामले में चुप हैं और उनका सिर्फ यह ही कहना है कि उनकी कोई दुश्मनी या रंजिश नहीं थी, परंतु दिनदहाड़े हुए कत्ल ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं। जैसे जब छिंदा सिंह की कोई रंजिश या दुश्मनी नहीं थी तो उसका कत्ल किसने किया, वहीं जब पहली गोली ही सिर में लग गई थी तो नीचे गिरे छिंदा सिंह पर लगातार 6 फायर करने भी सवाल खड़े करते हैं। वहीं न ही यह कोई लूटपाट का मामला है, क्योंकि उस समय उक्त कांग्रेसी नेता के पास कोई नकदी भी नहीं थी। मामले संबंधी एसपी इनवेस्टीगेशन बलजीत सिंह सिद्धू का कहना है कि कत्ल को सुलझाने के लिए पुलिस कई पहलुओं पर काम कर रही है। जल्द मामले को सुलझा दिया जाएगा।
दो बुलेट बॉडी से रिकवर
सिविल सर्जन डॉ. सुखपाल सिंह बराड़ का कहना था कि मृतक जसविंदर सिंह उर्फ छिंदा को पोस्टमार्टम के लिए तीन डॉक्टरों का बोर्ड बनाया गया था। जिसमें डॉ. प्रभजोत कौर, डॉ. रोबिन, व डॉ. दीपांशू बब्बर शामिल थे। उक्त बोर्ड के द्वारा मृतक का पोस्टमार्टम किया गया है। पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार 6 राउंड फायर हुए हैं, परंतु मृतक की बॉडी में से दो बुलेट रिकवर हुए हैं। जिसमें एक सिर पर व एक उसकी छाती में मिला है। मृतक का विसरा जांच के लिए भेजा जा रहा हैं पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही पूरा मामला पता चलेगा।
जसविंदर सिंह।
11 मार्च को नौजवान को सरेआम मारी गोलियां
11 मार्च को मुक्तसर के ही एक निजी अस्पताल के बाहर अज्ञात तीन नौजवानों ने एक व्यक्ति को सरेआम गोलियां मार दी थी। गुरदेव सिंह बठिंडा रोड स्थित एक निजी अस्पताल में अपने किसी रिश्तेदार का हाल चाल पूछने आए थे, परंतु जब वह बाहर निकले तो तीन नकाबपोश नौजवानों ने उसे गोलियां मार दी और उन्होंने गोबिंद सिंह कॉलेज फरीदकोट में दम तोड़ दिया। हालांकि कुछ दिनों के बाद एसएसपी मुक्तसर ने दावा किया था कि घटना को अंजाम देते समय कातिलों द्वारा प्रयोग की गई आल्टो कार को ट्रेस कर लिया गया है, परंतु सच्चाई दो माह से अधिक समय बीत जाने के बाद मामला अनट्रेस है।
कराईवाला के दो बच्चों के कत्ल का मामला अनसुलझा
गांव कराईवाला के दो बच्चों के कत्ल का मामला भी अभी तक अनसुलझा हुआ है। गत 7 जनवरी को गांव कराईवाला के 14 वर्षीय सुरेन्द्र को उसी की मौसी का लड़का सोनी सिंह अगवा करके ले जाता है और जब वह पकड़ा जाता है तो पुलिस के पास कबूल करता है कि उसने सुरेन्द्र सिंह को सरहिंद फीडर नहर में फेंक कर मार डाला है, परंतु पुलिस न तो उक्त बच्चे सुरेन्द्र को तलाश पाई और न ही उसके शव को नहर में ढूंढ पाई। पुलिस सोनी सिंह के पुलिस रिमांड दौरान भी सोनी सिंह से सच्चाई उगलवा नहीं पाई। अभी सुरेन्द्र सिंह का कुछ पता भी नहीं चला था कि उसी गांव कराईवाला के ही एक ओर 12 वर्षीय सुरेन्द्र सिंह को 20 जनवरी को कोई अगवा कर लेता है। पहले तो पुलिस की ढीली कारगुजारी, परंतु जब 22 जनवरी को आक्रोश में आए गांव वासियों ने मुक्तसर-मलोट मुख्य मार्ग पर धरना लगा दिया तो पुलिस ने गांव वासियों के गुस्से को शांत करते हुए उन्हें साथ ले दूसरे सुरेन्द्र सिंह की गांव कराईवाला में ही तलाश शुरू कर दी। इसी दौरान उक्त सुरेन्द्र का शव एक बोरे में बंधा हुआ छप्पड़ किनारे सरकंडों में मिला। पुलिस ने भरोसा दिया कि बच्चे के कातिल को 10 दिन में गिरफ्तार कर लिया जाएगा, परंतु 5 माह बीतने के बाद भी पुलिस के हाथ खाली के खाली हैं। पहले सुरेन्द्र के कातिल को तो पकड़ लेती है, परंतु उसके शव को नहीं ढूंढ पाती, वहीं दूसरी ओर सुरेन्द्र के शव को तो ढूंढ लिया गया, परंतु पुलिस आज तक उसके कातिलों को नहीं पकड़ पाई।
कई मामले सुलझाने
में समय लग जाता है
एसएसपी मुक्तसर सुशील कुमार ने कहा कि पुलिस सभी मामलों में कई पहलूओं पर काम कर रही हैं। कभी-कभी कुछ मामले जल्द ही हल हो जाते हैं और कुछ मामलों में समय लग जाता हैं, परंतु सभी मामलों को जल्द ही सुलझा लिया जाएगा और कातिल पकड़ में होंगे।