प्रशासन ने श्मशानघाट का रास्ता खुलवाया, विरोध में धरना शुरू
मंगलवार को मलोट के रेलवे फाटक नजदीक श्मशानघाट को रास्ता न होने की समस्या आखिर प्रशासन द्वारा बंद गली खोलने से खत्म हो गई। इस श्मशानघाट को अजीत नगर की इकलौती लगती गली को दीवार करके बंद किया हुआ था, जिसे खुलवाने के लिए शहर की विभिन्न समाज सेवी संगठनों द्वारा प्रयास किए जा रहे थे। मलोट प्रशासन द्वारा गत समय भी यह रास्ता खुलने की कोशिश की गई, परंतु गली वासियों के विरोध के कारण मामला लटक गया। मंगलवार काे एसडीएम नरिंदर सिंह धालीवाल के आदेशों पर प्रशासन ने तहसीलदार मनजीत सिंह भंडारी और कार्य साधक अधिकारी जगसीर सिंह धालीवाल ने थाना सिटी मुखी बूटा सिंह की अध्यक्षता में बड़ी संख्या में पुलिस को साथ लेकर बिना किसी नुकसान के यह रास्ता खुलवा दिया। गली वासियों द्वारा पार्षद हरपाल सिंह विरदी की अध्यक्षता में विरोध किया गया, जिसमें छुट-पुट झड़प को पुलिस ने बड़े ही संयम से रोके रखा। इस दीवार को तोड़कर प्रशासन द्वारा तुरंत यहां एक बड़ा गेट लगा दिया गया ताकि सिर्फ किसी प्राणी की अंतिम यात्रा के समय ही यह रास्ता खोला जाए व आगे पीछे मोहल्ला वासियों को कोई मुश्किल न पेश आए। ईओ जगसीर सिंह ने कहा कि यह ऑर्डर एसडीएम की ओर से निकाले गए थे, जिसके बाद पुलिस फोर्स की निगरानी में गेट खोला गया। विरोध करने वाले मोहल्ला वासियों ने इस मामले को सियासी चाल बताते हुए कहा कि वे अपने हक के लिए कोर्ट में जाएंगे। (जसपाल मान)
श्मशानघाट जाने का रास्ता खुलवाते हुए प्रशासन और धरने पर बैठे हुए गली निवासी।
अलग रास्ता देने तक करेंगे प्रदर्शन
मोहल्ला वासियों ने गली में टैंट लगाकर अनिश्चित समय के लिए धरना लगा दिया और धरने की शुरूआत में सुखमणि साहिब का पाठ किया। प्रदर्शनकारियों ने बताया कि जब तक उनकी मांग पूरी नहीं होती और प्रशासन श्मशानघाट के लिए अलग से रास्ते नहीं निकालेगा तब तक उनका धरना जारी रहेगा। इस अवसर पर हरपाल सिंह, कुलवंत सिंह मक्कड़, हरपाल सिंह, गुरपाल सिंह, धर्मपाल अरोड़ा, करनैल सिंह, लखविंदर सिंह आदि उपस्थित थे।