हम्माल न आने से हजारों बोरा गेहूं खुले में पड़ा, किसान चिंतित
समर्थन मूल्य खरीदी केन्द्रों पर हम्माल न पहुंचने से हजारों बोरी गेहूं बाहर खुले में पड़ा हुआ है। ऐसे में मौसम खराब हो जाए और बारिश हो तो गेहूं बर्बाद हो जाएगा। यह नजारा वायपास रोड पर बने वेयरहाउस के बाहर का है जहां गढ़ौलाजागीर समिति की गेहूं की तौल चल रही है। केन्द्र संचालक का कहना है कि तीन दिन से त्योहार के कारण हम्माल कम आ रहे हैं चार हम्माल ही काम कर रहे हैं। ऐसे में गेहूं की शिफिटंग नहीं हो पाई है।
तौल चल रही है। जबकि गेहूं को वेयर हाउस में शिफट किया जा सकता है। जिससे बाहर गेहूं न रहे। वहीं हम्मालों का कहना है कि केन्द्र पर सभी काम करने के सिर्फ 8 से 10 रूपए प्रति क्विंटल मिल रहे हैं। जबकि मंडी में यह दाम 17 रूपए प्रति क्विंटल हैं। ऐसे में हम्माल कृषि उपज मंडी जा रहे हैं। यहां भी सही दाम कितने हैं बताए नहीं जा रहे हैं। हर साल इसी दाम पर तौल, खिंचाई, सिलाई, लदाई कराते हैं। जबकि पांच सालों में दामों में अंतर तो जरूर आया होगा। अगर ऐसा ही रहेगा तो हम्माल नहीं आएंगे। अनाज बाहर रखा रह जाएगा। गौरतलब है कि खुरई, मालथौन में 17 केन्द्रों पर गेहूं की खरीदी हो रही है। परिवहन तो जारी है। लेकिन कुछ केन्द्रों पर गेहंू बाहर पड़ा हुआ। वर्तमान में रोजाना शाम को तेज हवाएं चल रही हैं। छुटपुट बूंदाबांदी की खबरें भी आती रहती हैं। बावजूद उपाय नहीं किए जा रहे हैं।