गांव शरीहवाला में शनिवार को ट्यूबवेल के कुएं में दबे एक युवक को निकालने के लिए गए 5 अन्य युवकों में से देर रात 3 युवकों की मौत से पूरे क्षेत्र में गम का माहौल है। रविवार को पोस्टमार्टम के बाद दोनों युवकों संदीप सिंह व सिमरदीप सिंह के शव परिजनों को सौंप दिए गए जिनका बाद में गांव के श्मशान घाट में अंतिम संस्कार कर दिया गया।
दोनों युवक संदीप सिंह व सिमरदीप सिंह चचेरे भाई है। युवक संदीप सिंह की 20 दिन पहले मंगनी हुई थी। मृतक संदीप के परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। गांव अली के झुग्गे में कल रात शायद ही किसी के घर का चूल्हा जला हो। पूरा गांव दोनों युवकों की जिंदगी की सलामती के लिए दुआ कर रहा था कि अचानक खबर आई कि पास के गांव के सेवक सिंह के साथ इन दोनों भाइयों की मौत हो गई है।
मृतक सेवक सिंह जो कि कारपेंटर का काम करता था के 4 बच्चे हैं। उसकी पहली प|ी की मृत्यु के बाद सेवक की दूसरी शादी हुई थी व उसके 4 बच्चे हैं। उसका बड़ा बेटा दुबई काम के लिए गया हुआ है। उसको पिता की मौत की खबर दी गई है व सेवक का अंतिम संस्कार उसके बेटे के आने के बाद किया जाएगा। सेवक की प|ी जसबीर कौर फिरोजपुर के डीसी मॉडल स्कूल में आर्ट एंड क्राफ्ट की अध्यापक है।
अधिकारियों ने किया दौरा
रविवार को बीडीपीओ ममदोट रामचन्द व व अन्य अधिकारियों ने सेवक सिंह व अन्य दो मृतक युवकों के घर का दौरा किया व हादसे की जानकारी ली।
मृतक सेवक सिंह के घर में शोकग्रस्त महिलाएं।
सिमरदीप की मौत से परिवार सदमे में
सिमरदीप के घर पर उसके पिता जोगिंदर सिंह ने नम आंखों से बताया कि घर मे गरीबी होने के वजह से उसका बेटा कुएं से ईंटें निकालने के लिए गया था परंतु उनको क्या पता था कि वो काल का ग्रास बन जाएगा। गांव शरीहवाला के रहने वाले सेवक सिंह की मौत के बाद पूरा परिवार सदमे में है।
सेवक सिंह।
संदीप सिंह।