तिल सांवरा के 43 लोग आवास के लिए 3 वर्ष से लगा रहे चक्कर
गरीबों काे 2022 तक पक्के मकान देने के लक्ष्य में विभागीय लापरवाही अाैर तकनीकी खामी के कारण मनासा जनपद में पिछड़ती जा रही है। मालखेड़ा पंचायत के तिल सांवरा गांव में 43 हितग्राहियों के नाम तीन वर्ष बाद भी लाभान्वितों की सूची में नहीं जाेड़े गए हैं।
आदिवासी बाहुल्य तिल सांवरा में वर्ष 2016-17 में आवास योजना के तहत 43 अावास स्वीकृत हुए थे। जो आज तक पोर्टल पर दर्ज नहीं किए गए। विभागीय अधिकारी इसे तकनीकी खामी बता रहे हैं। वजेसिंह बंजारा अाैर हरिसिंह बंजारा ने आवास नहीं मिलने की शिकायत की थी। सरपंच जस्सुबाई श्यामलाल गरासिया ने बताया कई बार जनपद सीईओ अाैर जिलाधिकारियों काे अवगत कराया लेकिन पात्र लोग योजना से लाभान्वित नहीं हुए। पंचायत सचिव गणपतलाल कछावा ने बताया तीन वर्ष से पोर्टल नहीं खुलने के कारण मालखेड़ा पंचायत में अाेबीसी अाैर एसटी वर्ग के लिए आवंटित अावास में नाम पोर्टल पर दर्ज नहीं हाे सके थे। इस बार पोर्टल खुलने पर 43 नाम दर्ज कराए जा रहे हैं। सीईअाे फिरदौस शाह ने बताया पूर्व में भोपाल उच्चाधिकारियों को अवगत करा दिया था अाैर एनअार्इसी काे पत्र भी लिखा है। अभी पोर्टल खुल गया है ताे तिल सांवरा काे नया लक्ष्य दे दिया है। मालखेड़ा के नाम पोर्टल पर जोड़ने के लिए प्रशासन को लिखा है जल्दी ही समस्या का समाधान हो जाएगा। दिल्ली से स्वीकृति मिलने पर पात्र लोगों को अावास राशि आवंटित कर दी जाएगी। गौरतलब है कि सरकार द्वारा पीएम आवास योजना के तहत लोगों को लाभान्वित करने के लगातार प्रयास किए जा रहे है। ऐसे में जिले की एक पंचायत में तीन साल तक पोर्टल नहीं खुलना प्रशासन की लापरवाही को दर्शाता है।