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मौसम खराब जिले के 19 केंद्रों चल रही थी खरीदी, परिवहन में हो रही लापरवाही

3 वर्ष पहले
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भास्कर संवाददाता | नीमच /जीरन

जिले में समर्थन मूल्य गेहूं खरीदी का काम मंगलवार को हो गया लेकिन गेहूं परिवहन नहीं हो पाया है। जिले में खरीदी केंद्रों पर बाेरियों में गेहूं रखा है| बोरियां खुले में तो कहीं पेड़ाें के नीचे रखी है। बारिश होती है तो खरीदी केंद्रों का गेहूं भीग जाएगा।

जिले में 15 मार्च से विपणन संस्था नीमच, सेवा सहकारी संस्था बघाना, सेवा सहकारी समिति नीमच सिटी, सेवा सहकारी संस्था जवासा, विपणन संस्था जावद, सेवा सहकारी संस्था बावल, मोरवन, सरवानिया महाराज, रतनगढ़, ताल, रामपुरा, मनासा, विपणन संस्था मनासा, सेवा सहकारी संस्था कंजार्डा, कुकड़ेश्वर और महागढ़ में गेहूं खरीदी हो रही थी। किसानों ने समर्थन मूल्य पर गेहूं खरीदी के लिए जिले में 19 केंद्र बनाए थे और मंगलवार को खरीदी हो गई। जिले में मंगलवार शाम तक 40 हजार मीट्रिक टन गेहूं खरीदा है। इसमें से 38 हजार मीट्रिक टन गेहूं 40 ट्रकों से परिवहन कर गोदामों में पहुंचा है केंद्रों पर 2 हजार मीट्रिक टन गेहूं अभी भी खुले में है। जीरन के खरीदी केंद्र पर गेहूं की बोरिया पेड़ों की छाया में रख दी है तो मनासा क्षेत्र के खरीदी केंद्रों पर बोरियां खुले में है। नीमच जावद के खरीदी केंद्रों पर बाहर पड़ी बोरियों पर तिरपाल ढंका है। खरीदी केंद्रों पर खुले में पड़े गेहूं को बारिश से बचाने के लिए पुख्ता इंतजाम नहीं है और मौसम बिगड़ने पर उपज खराब हो सकती है। जिले में सोमवार शाम को जगह-जगह बारिश हुई और मंगलवार शाम को भी मौसम बना रहा। ऐसे में बारिश होती है तो समर्थन का गेहूं भीग जाएगा और सरकार को चपत लगेगी। मामले में मप्र स्टेट सिविल सप्लाइज के जिला प्रबंधक चंद्रशेखर शरणागत ने बताया खरीदी केंद्रों से गेहूं उठाया जा रहा है। आज खरीदी पूरी हुई है और कुछ केंद्रों पर गेहूं खुले में हैं। हालांकि बारिश की दशा में हमने बोरियों को तिरपाल से ढंकने का आदेश दिया है। जीरन के खरीदी केंद्र से बुधवार सुबह से गेहूं उठाने के लिए ट्रक लगाए जाएंगे और बाकी केंद्रों से गेहूं उठाए जाएंगे। नीमच और मनासा में 40 हजार मैट्रिक टन क्षमता के गोदामों की व्यवस्था की है और गोदामों में गेहूं सुरक्षित रखा जाएगा। आने वाले दाे तीन दिन में सारा गेहूं गोदामों में पहुंच जाएगा।

समर्थन पर गेहूं खरीदी पूरी, अभी भी पेड़ों में नीचे तो कहीं खुला पड़ा है 2 हजार मीट्रिक टन गेहूं

रात तक केंद्रों पर चलती रही खरीदी

बोरियां खुले में तो कहीं पेड़ाें के नीचे रखी है। बारिश होती है तो खरीदी केंद्रों का गेहूं भीग जाएगा।

जिले के 19 खरीदी केंद्रों पर समर्थन मूल्य पर गेहूं बेचने के लिए किसानों को एसएमएस कर बुलवाया था। खरीदी के अंतिम दिन मंगलवार को केंद्रों पर सुबह से शाम तक किसानों के ट्रैक्टरों-वाहनों की कतार रही और देर रात तक केंद्रों पर खरीदी चलती रही। जीरन में रात 9 बजे तक किसानों की उपज का तौल चल रहा था। किसान मांगीलाल चौहान ने बताया हम तो सुबह से अा गए थे लेकिन खरीदी में देर लगी और रात हो गई।

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