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बरथून में स्वच्छता बदहाल, गांधी चबूतरे को रसूखदारों ने बना दिया भैंसों का तबेला

3 वर्ष पहले
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ग्रामीण स्वच्छता सर्वे शुरू होते ही गांवों में सफाई की बदहाली उजागर हाेने लगी है। दल ने बरथून में चोक नालियों से सड़कों पर बहता गंदा पानी और सड़ांध मारता मांगलिक भवन देखा तो हैरान रह गया। गांव में जगह-जगह कचरे के ढेर लगे मिले। रसूखदारों ने गांधी के चबूतरे राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की प्रतिमा के पास भैंसों का तबेला बना दिया। जहां मवेशियों ने गंदगी फैला रखी है। सर्वेक्षण दल गांव में सफाई की रिपोर्ट भारत स्वच्छता मिशन प्रभारी को सौंपेगा।

गांव में नियमित सफाई नहीं हाेने से नालियां चोक हो गई। कचरे के ढेर लगे हुए हैं। मिडिल स्कूल में बालक-बालिका के लिए अलग शौचालय नहीं होने से छात्राओं को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। मांगलिक भवन देखरेख और सफाई के अभाव में गंदगी से पटा पड़ा है। अन्य सार्वजनिक स्थानों पर भी सफाई नहीं मिली। गांव के बाहर गोबर और कूड़े-करकट का ढेर लगा हुआ है। यही हालत कड़ी और देवरी आंतरी गांव में भी मिली। हितग्राहियों द्वारा बनवाए शौचालय का लहसुन व अन्य उपज रखने में किया जा रहा है।

सरपंच रमेश विरास ने बताया सफाईकर्मी काम करने को तैयार नहीं है। एक कर्मचारी महीने में दो बार ही सफाई करता है। गांधी स्मारक के चबूतरे पर लोगों को मवेशी बांधने से मना किया। लेकिन राजनीतिक रसूखदार परिवार सुनने को तैयार नहीं। इसके स्थाई समाधान के लिए चबूतरे को बड़ा करने का प्रस्ताव पास किया था। इसके लिए दो लाख की स्वीकृति मिल चुकी है। जल्द ही निर्माण शुरू किया जाएगा। तीन साल पहले हाई स्कूल में छात्राओं की अधिक संख्या होने से मिडिल स्कूल में बालिकाओं को शिफ्ट किया था तब से यहां शौचालय की समस्या बनी हुई है। सीईओ जनपद अभिषेक चौरसिया से बात करना चाही पर उन्होंने बाद में बात करने का कह कर फोन रख दिया।

बरथून में मांगलिक भवन पसरी है गंदगी और कड़ी आंतरी में हितग्राहियों द्वारा योजना के तहत घर में बनाए शौचालय में रखी लहसुन।

भास्कर संवाददाता | मनासा

ग्रामीण स्वच्छता सर्वे शुरू होते ही गांवों में सफाई की बदहाली उजागर हाेने लगी है। दल ने बरथून में चोक नालियों से सड़कों पर बहता गंदा पानी और सड़ांध मारता मांगलिक भवन देखा तो हैरान रह गया। गांव में जगह-जगह कचरे के ढेर लगे मिले। रसूखदारों ने गांधी के चबूतरे राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की प्रतिमा के पास भैंसों का तबेला बना दिया। जहां मवेशियों ने गंदगी फैला रखी है। सर्वेक्षण दल गांव में सफाई की रिपोर्ट भारत स्वच्छता मिशन प्रभारी को सौंपेगा।

गांव में नियमित सफाई नहीं हाेने से नालियां चोक हो गई। कचरे के ढेर लगे हुए हैं। मिडिल स्कूल में बालक-बालिका के लिए अलग शौचालय नहीं होने से छात्राओं को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। मांगलिक भवन देखरेख और सफाई के अभाव में गंदगी से पटा पड़ा है। अन्य सार्वजनिक स्थानों पर भी सफाई नहीं मिली। गांव के बाहर गोबर और कूड़े-करकट का ढेर लगा हुआ है। यही हालत कड़ी और देवरी आंतरी गांव में भी मिली। हितग्राहियों द्वारा बनवाए शौचालय का लहसुन व अन्य उपज रखने में किया जा रहा है।

सरपंच रमेश विरास ने बताया सफाईकर्मी काम करने को तैयार नहीं है। एक कर्मचारी महीने में दो बार ही सफाई करता है। गांधी स्मारक के चबूतरे पर लोगों को मवेशी बांधने से मना किया। लेकिन राजनीतिक रसूखदार परिवार सुनने को तैयार नहीं। इसके स्थाई समाधान के लिए चबूतरे को बड़ा करने का प्रस्ताव पास किया था। इसके लिए दो लाख की स्वीकृति मिल चुकी है। जल्द ही निर्माण शुरू किया जाएगा। तीन साल पहले हाई स्कूल में छात्राओं की अधिक संख्या होने से मिडिल स्कूल में बालिकाओं को शिफ्ट किया था तब से यहां शौचालय की समस्या बनी हुई है। सीईओ जनपद अभिषेक चौरसिया से बात करना चाही पर उन्होंने बाद में बात करने का कह कर फोन रख दिया।

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