कृषि उपज मंडी स्थित समर्थन खरीदी केंद्र पर एक दिन विलंब से तौल होने से किसान रतजगा करना पड़ रहा है। एसएमएस मिलने पर किसा उपज लेकर केंद्र पर पहुंच जाते हैं। भीषण गर्मी में दिनभर कतार में लगना पड़ता है। नंबर नहीं आने पर अगले दिन का इंतजार करना पड़ रहा है। इससे कई किसान समर्थन मूल्य में पंजीयन करवाकर किसान परेशान है।
गेहूं, चना, सरसों, मसूर खरीदी एक साथ होने से मंडी में जगह नहीं है। तौल के लिए पर्याप्त कांटे भी नहीं मिल रहे। ऐसे से में किसान को उपज तौल के लिए दो-दो दिन केंद्र पर इंतजार करना पड़ रहा है। खजूरी के कन्हैया धनगर ने बताया 11 क्विंटल चना तौल के लिए दो रात से परेशान हो रहा। टोकन नंबर दे दिया लेकिन तौल नहीं हुआ। उपज को ट्रैक्टर-ट्रॉली में लेकर आए। इसका भाड़ा भी देना पड़ रहा है। मुकेश पाटीदार ने बताया मंडी में जगह का अभाव है। एक शेड में तौल हो रहा। वहां पहले से उपज की बोरियां रखी हुए है। तौल कांटे नहीं मिलने से समय पर तौल भी नहीं हो रहा है। अल्हेड़ सोसाइटी के सहायक मैनेजर मनोज नागदा ने बताया करीब 4000 क्विंटल उपज गोडाउन भिजवाने के लिए शेड में रखी हुई हैं। प्रतिदिन 50 वाहनों के आने से तौल में थोड़ा विलंब हो रहा। अभी खरीदी शुरू होने के बाद 10.350 क्विंटल चना, 1.606 क्विंटल सरसों और 600 क्विंटल मसूर खरीदी गई है। 31 मई तक 4300 किसानों की उपज खरीदी जाएगी।
मंडी में समर्थन मूल्य खरीदी केंद्र पर ट्रैक्टर-ट्रॉली में इस तरह भरी रहती है उपज।