12 दिन चला अफीम तोल, 4 हजार 249 किसानों की तुली अफीम
सिंगोली चारभुजा | माहेश्वरी धर्मशाला में 3 अप्रैल से चल रहे नारकोटिक्स विभाग के अस्थाई तोल केंद्र में रविवार को अफीम तोल का कार्य पूरा हो गया।
12 दिनों में भीलवाड़ा जिले की चार तहसीलों मांडलगढ़, कोटड़ी, जहाजपुर व बिजौलिया सहित चित्तौड़गढ़ जिले की दो तहसील रावतभाटा व बेगूं के 221 गांवों के 4249 किसानों की अफीम का तोल हुआ। तोल केंद्र पर लगे सीसीटीवी कैमरों से तोल केंद्र की गतिविधियों पर क्षेत्रीय कार्यालय कोटा, मुख्य कार्यालय ग्वालियर के साथ दिल्ली में बैठे अधिकारियों ने नजर रखी।
जिला अफीम अधिकारी सीएस प्रसाद ने बताया कि 12 दिनों में कुल 29504.490 किलोग्राम अफीम का तोल किया गया। तोली गई अफीम के लिए किसानों को चार करोड़ 18 लाख 90 हजार 8 सौ रुपए का भुगतान किया गया। लंबरदारों को बतौर कमीशन 6 लाख 10 हजार 100 रुपए का भुगतान किया गया। प्रसाद ने बताया कि इस वर्ष अफीम की फसल में पीलिया रोग होने के कारण कई किसानों ने फसल हंकाई के लिए आवेदन किया था। तोल केंद्र पर इस वर्ष कुल 13 किसानों की अफीम संदिग्ध श्रेणी की पाई गई। विभाग बेगूं व रावतभाटा तहसील में हंकाई का कार्य कर चुका है। भीलवाड़ा जिले के कुछ क्षेत्रों में हंकाई का कार्य शेष है, जिसे 22 अप्रैल तक पूरा कर लिया जाएगा। जिन किसानों की अफीम विभाग द्वारा निर्धारित मिलावटी अफीम की श्रेणी में पाई गई है उन किसानों का भुगतान रोक लिया गया है। नीमच स्थित सरकारी फैक्ट्री से अंतिम रिपोर्ट आने के बाद ही भुगतान किया जाएगा।