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अक्षय तृतीया से पहले सामने आई चिंताजनक तस्वीर

3 वर्ष पहले
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अक्षय तृतीया से पहले कई जगह नाबालिगों के फेरे हो गए। जोगणियां माता मंदिर में दूल्हा-दुल्हन ने एक दूसरे को अंगूठी पहनाई।

नासमझी की अंगूठी

सकारात्मक शुरुआत | आखातीज से पहले बाल विवाह शून्य करने की अर्जी लगाने वाली जिले की पहली बेटी की कहानी

मां ने 3 लाख रु. लेकर 10 साल की प्रीति की 17 साल बड़े व्यक्ति से शादी की, ससुराल वालों ने पढ़ाई छुड़ाई, वहां से निकली...फिर जाने लगी स्कूल

नरेंद्र जाट/पंकज पारीक |भीलवाड़ा

चौइला का खेड़ा दांताजती गांव में मां ने ही बेटी का तीन लाख रुपए में सौदा कर दिया। 10 साल की बेटी की 17 साल बड़े चित्तौड़गढ़ जिले के नेवरिया के प्रेम से शादी करवा दी। तब वह 10 साल की थी। मौका पाकर ससुराल से निकली व मां को छोड़ ताऊ के साथ रहने लगी। स्कूल जाने लगी तो ससुराल वाले वहां से उठाकर ले जाने लगे लेकिन प्रिंसिपल के प्रयास से सफल नहीं हुए।

प्रीति (बदला नाम) 7वीं में है। बाल विवाह शून्य कराने के लिए आखातीज के दो दिन पहले बाल कल्याण समिति को प्रार्थना पत्र दिया है। समिति अध्यक्ष डॉ. सुमन त्रिवेदी 23 अप्रैल को पारिवारिक न्यायालय में पेश करेंगी। प्रीति जिले की पहली लड़की है, जो बाल विवाह शून्य करने के लिए समिति गई है। समिति से पता चला है कि शादी का 3 लाख में सौदा हुआ था। 1.50 लाख ले लिए लेकिन शेष डेढ़ लाख रुपए से बच्ची के नाम एफडी करवा दी।

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17 साल की पूजा बोलीं- कलेक्टर अंकल-बाल विवाह रुकवाएं, मैं पढ़ना चाहती हूं...कलेक्टर मुक्तानंद अग्रवाल को 16 अप्रैल को एक चिट्ठी मिली। इससे पता चला कि नाबालिग बेटी बिजौलिया की पूजा गर्ग का परिजन विवाह करा रहे हैं। उसने लिखा, कलेक्टर अंकल! यदि मेरी शादी हो गई तो मेरा भविष्य खराब हो जाएगा। आप मेरा बाल विवाह रुकवा दीजिए। पत्र के अनुसार उसकी शादी रायपुर क्षेत्र के भींटा गांव के चंद्रप्रकाश से 18 अप्रैल को होनी वाली थी। उसने बताया कि पढ़ाई के लिए पैरेंट्स से बात की लेकिन वे नहीं मान रहे हैं। इसलिए उसने कलेक्टर से अपना बाल विवाह रुकवाने के गुहार लगाई। साथ ही फिर से स्कूल जाने और अपने सपनों को पूरा करने में मदद की अपील की। कलेक्टर ने यह चिट्ठी मिलते ही एसपी को पत्र लिखा और आखिरकार पूजा का बाल विवाह रुक गया। अब पूजा फिर स्कूल जाएगी।

नतीजा...

भीलवाड़ा में हर साल टूट रही हैं 150 शादियां

टूटते रिश्ते

जोखिम में जान

मां में खून की कमी

...और कमजोर नवजात

कम उम्र में शादियां होने के बाद जब लड़का-लड़की बड़े होते हैं तो उनके बीच सामंजस्य नहीं बैठने के कारण जिले में हर साल करीब 150 शादियां टूट रही हैं।

बाल विवाह से कम उम्र में मां बनने पर प्रदेश में प्रति 1 लाख डिलिवरी पर 208 प्रसूताओं की मौत होती हैं। जबकि जिले में हर साल 223 प्रसूता की मौत हो रही है।

चिकित्सा विभाग के अनुसार जून से सितंबर, 2016 में सरकारी अस्पतालों में 9757 गर्भवतियों की जांच हुई। इसमें 5139 में खून की कमी पाई गई।

प्रदेश में एक हजार शिशुओं पर हर वर्ष 55 की मौत होती हैं जबकि भीलवाड़ा में नवजात कमजोर होने से 64 बच्चों की मौत हो रही है।



जोगणियां माता मंदिर में मंगलवार को 15 नाबालिग जोड़े धोक देने पहुंचे, लेकिन वहां तैनात पुलिसकर्मियों को जैसे नाबालिग जोड़े दिखाई ही नहीं दिए जबकि कुछ कदम दूर चेंची मार्ग चौराहा पर स्थाई चौकी भी है।

गलती की धोक

बेटी योगा में चैंपियन बनी तो पिता ने भी दी बाल विवाह तोड़ने की रजामंदी... रूपाहेली गांव की राजकुमारी चौधरी बारां में शारीरिक शिक्षक (अनुबंधित) हैं। योगा की राजस्थान टीम की कप्तान रहते वर्ष 2017 में राष्ट्रीय स्तर पर गोल्ड मेडल जीत चुकी हैं। रॉक क्लाइंबिंग और माउंटेनियरिंग के एडवांस कोर्स के लिए चयनित हो चुकी हैं। वर्ष 2019 में कोर्स पूरा कर माउंट एवरेस्ट पर चढ़ना लक्ष्य है। उसे पता चला कि पति ट्रैक्टर ड्राइवर है, नशा करता है। इतना सब हुआ तो पिता गणेश को बेटी की काबिलियत पर यकीन हो गया और बचपन में हुई शादी तोड़ने की रजामंदी दी। राजकुमारी ने मंगलवार को ही तलाक की अर्जी कोर्ट में पेश की है।

दादी ने चिट्‌ठी लिखकर बताया-मां ने पोती का विवाह कराया... बाल विवाह रोकने और बच्चों के सपने पूरे कराने की यह अनोखी मिसाल है। यह कहानी है मांडलगढ़ रोड स्थित सदर थाना क्षेत्र के अगरपुरा गांव की। बाल कल्याण समिति अध्यक्ष को एक दादी ने चिट्ठी लिखकर मां के द्वारा ही पोती का बाल विवाह करने की शिकायत की है। हालांकि जब तक यह चिट्ठी पहुंची तब तक उसका बाल विवाह हो गया। दादी ने चिट्ठी में बताया कि उसकी बहू ने नाबालिग 11 वर्षीय पोती सुमन (बदला नाम) का बाल विवाह कर दिया। अब वह न तो पढ़ने जाएगी और न अपना बचपन जी पाएगी। दादी ने कार्रवाई की मांग की है।

फोटो | श्याम विजय (बिजौलिया)

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